गुजरात से रवाना हुई कानपुर मेट्रो की पहली ट्रेन; मुख्यमंत्री योगी आदित्याथ ने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के जरिए मेट्रो ट्रेन का किया अनावरण

कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के अंतर्गत आईआईटी से मोतीझील के बीच 9 किमी. लंबे प्राथमिक सेक्शन पर नवंबर, 2021 में ट्रायल रन शुरू करने और जनवरी, 2022 में आम जनता के लिए मेट्रो सेवाओं के शुभारंभ का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए, आज गुजरात में वड़ोदरा के निकट सावली में स्थित मैनुफ़ैक्चरिंग प्लान्ट से पहले मेट्रो ट्रेन सेट को कानपुर के लिए रवाना किया गया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के माध्यम से पहली मेट्रो ट्रेन का अनावरण किया और इसके बाद यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक कुमार केशव की उपस्थिति में इस प्रोटोटाइप ट्रेन को गुजरात से कानपुर के लिए रवाना कर दिया गया।

इस अवसर पर यूपीएमआरसी एवं ट्रेन निर्माता कंपनी एल्सटॉम इंडिया को बधाई देते हुई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा, “देश की सर्वाधिक जनसंख्या वाले राज्य उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक शहरों में मेट्रो परियोजनाओं का संचालन एवं निर्माण हो रहा है। लखनऊ, ग़ाज़ियाबाद, नोएडा एवं ग्रेटर नोएडा में मेट्रो सेवाएँ चालू हैं एवं लखनऊ में यात्री सेवाएँ शुरू करने के बाद अब यूपीएमआरसी कानपुर एवं आगरा में मेट्रो परियोजनाओं का निर्माण करा रहा है। इसके अलावा, प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों; गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, झाँसी एवं मेरठ में भी मेट्रो परियोजना लिए या तो डीटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) भारत सरकार को अनुमोदन हेतु भेजी जा चुकी है या फिर इनकी प्रक्रिया अंतिम चरण में है।”

इस अवसर पर, यूपीएमआरसी की टीम को बधाई देते हुए प्रबंध निदेशक कुमार केशव ने कहा, “आत्मनिर्भर भारत की मुहिम के तहत कानपुर मेट्रो की ट्रेनें पूरी तरह से ‘मेक इन इंडिया’ हैं और इन्हें निर्माता कंपनी मेसर्स ऐल्सटॉम के सावली (गुजरात) प्लान्ट में तैयार किया जा रहा है। समय की बचत के लिए यूपीएमआरसी ने मेट्रो ट्रेनों (रोलिंग स्टॉक्स) और सिग्नलिंग सिस्टम का एकीकृत अनुबंध किया था ताक़ी ट्रेनों की डिलिवरी कम से कम समय में सुनिश्चित की जा सके। कोविड-19 की विषय परिस्थितियों के बावजूद, ट्रेनों की मैनुफ़ैक्चरिंग का कॉन्ट्रैक्ट अवॉर्ड होने की तिथि से सिर्फ़ 14 महीने के भीतर पहली ट्रेन की डिलिवरी की जा रही है, जो अपने आप में एक उपलब्धि है।

कॉन्ट्रैक्ट अवॉर्ड होने के बाद 26 फ़रवरी, 2021 को इन ट्रेनों की मैनुफ़ैक्चरिंग का शुभारंभ हुआ था और बहुत ही कम समय में तैयार होकर पहली प्रोटोटाइप ट्रेन कानपुर के लिए निकल चुकी है। पहली ट्रेन को प्रोटोटाइप ट्रेन इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि इसी ट्रेन के साथ पॉलिटेक्निक डिपो में टेस्टिंग की जाएगी। कानपुर के प्राथमिक सेक्शन के लिए 8 मेट्रो ट्रेनें और कानपुर के दोनों कॉरिडोर को मिलाकर कुल 39 ट्रेनें आएँगी, जिनमें से प्रत्येक में 3-3 कोच होंगे।”

कानपुर की मेट्रो ट्रेनों की विशेषताएँ:

1. इन ट्रेनों में ‘रीजेनरेटिव ब्रेकिंग’ का फ़ीचर होगा, जिसकी मदद से ट्रेनों में लगने वाले ब्रेक्स के माध्यम से 45% तक ऊर्जा को रीजेनरेट करके फिर से सिस्टम में इस्तेमाल कर लिया जाएगा। वायु-प्रदूषण को कम करने के लिए इन ट्रेनों में अत्याधुनिक ‘प्रॉपल्सन सिस्टम’ भी मौजूद होगा।

2. इन ट्रेनों में कार्बन-डाई-ऑक्साइड सेंसर आधारित एयर कंडीशनिंग सिस्टम होगा, जो ट्रेन में मौजूद यात्रियों की संख्या के हिसाब से चलेगा और ऊर्जा की बचत करेगा।

3. ऑटोमैटिक ट्रेन ऑपरेशन को ध्यान में रखते हुए ये ट्रेनें संचारित आधारित ट्रेन नियंत्रण प्रणाली से चलेंगी।

4. कानपुर मेट्रो की ट्रेनों की यात्री क्षमता 974 यात्रियों की होगी।

5. इन ट्रेनों की डिज़ाइन स्पीड 90 किमी./घंटा और ऑपरेशन स्पीड 80 किमी./घंटा तक होगी।

6. ट्रेन के पहले और आख़िरी कोच में दिव्यांगजनों की व्हीलचेयर के लिए अलग से जगह होगी। व्हीलचेयर के स्थान के पास ‘लॉन्ग स्टॉप रिक्वेस्ट बटन’ होगा, जिसे दबाकर दिव्यांगजन ट्रेन ऑपरेटर को अधिक देर तक दरवाज़ा खुला रखने के लिए सूचित कर सकते हैं ताक़ी वे आराम से ट्रेन से उतर सकें।

7. ट्रेनों में फ़ायर एस्टिंग्यूशर (अग्निशमन यंत्र), स्मोक डिटेक्टर्स और सीसीटीवी कैमरे आदि भी लगें होंगे।

8. कानपुर की मेट्रो ट्रेनें थर्ड रेल यानी पटरियों के समानान्तर चलने वाली तीसरी रेल से ऊर्जा प्राप्त करेंगी, इसलिए इसमें खंभों और तारों के सेटअप की आवश्यकता नहीं होगी और बुनियादी ढाँचा बेहतर और सुंदर दिखाई देगा।

9. इन ट्रेनों को अत्याधुनिक फ़ायर और क्रैश सेफ़्टी के मानकों के आधार पर डिज़ाइन किया गया है।

10. हर ट्रेन में सीसीटीवी कैमरे होंगे, जिनका विडियो फ़ीड सीधे ट्रेन ऑपरेटर और सेंटर सिक्यॉरिटी रूम में पहुँचेगा।

11. हर ट्रेन में यूएसबी मोबाइल फ़ोन चार्जिंग पॉइंट्स भी होंगे।

12. इन्फ़ोटेन्मेंट के लिए हर ट्रेन में एलसीडी स्क्रीन या पैनल्स भी होंगे।

13. टॉक बैक बटन: इस बटन को दबाकर यात्री आपात स्थिति में ट्रेन ऑपरेटर से बात कर सकते हैं। यात्री की लोकेशन और सीसीटीवी का फ़ुटेज सीधे ट्रेन ऑपरेटर के पास मौजूद मॉनीटर पर दिखाई देगा।

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