ISI चीफ के अफगानिस्तान दौरे पर तालिबान ने दीसफाई, कहा- आंतरिक मामलों से दखल देने की इजाजत नहीं

काबुल:  पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद के अफगानिस्तान दौरे पर तालिबान ने सफाई दी है. तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा कि वह पाकिस्तान सहित किसी भी देश को अफगानिस्तान के आंतरिक मामलों में दखल देने की इजाजत नहीं देगा. फैज हमीद ने तालिबानी नेता मुल्ला अब्दुल गनी बरादर से पिछले हफ्ते काबुल में मुलाकात की थी. कई देशों ने अफगानिस्तान के अंदरूनी मामलों में पाकिस्तान के दखल को लेकर सवाल उठाए थे.

तालिबान के कब्जे करने के बाद काुबल गए पहले अधिकारी हैं हमीद

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर मध्य अगस्त में तालिबान के कब्जा कर लेने के बाद लेफ्टिनेंट जनरल हमीद पहले उच्च पदस्थ विदेशी अधिकारी हैं, जो अफगानिस्तान की यात्रा पर गए हैं. अफगानिस्तान के ‘खामा न्यूज’ के मुताबिक, तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्ला मुजाहिद ने कहा कि समूह पाकिस्तान सहित किसी भी देश को अफगानिस्तान के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप की अनुमति नहीं देगा.

तालिबान के प्रवक्ता मुजाहिद ने कहा कि तालिबान ने इस्लामाबाद को आश्वासन दिया कि अफगानिस्तान की भूमि का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ नहीं होगा. इससे पहले पाकिस्तान की मीडिया ने खबर दी थी कि तालिबान के निमंत्रण पर लेफ्टिनेंट जनरल हमीद के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल काबुल पहुंचा है, लेकिन तालिबान ने कहा कि इस्लामाबाद ने उनकी काबुल यात्रा का प्रस्ताव दिया था.

द्विपक्षीय रिश्तों में सुधार लाने के लिए अफगानिस्तान आए हमीद- तालिबान

तालिबान ने रविवार को कहा था कि काबुल और इस्लामाबाद के द्विपक्षीय रिश्तों में सुधार लाने के लिए हमीद अफगानिस्तान आए हैं. तालिबान के सांस्कृतिक आयोग के उप प्रमुख अहमदुल्ला वासिक ने कहा कि तालिबान के नेताओं ने लेफ्टिनेंट जनरल हमीद से द्विपक्षीय संबंधों और अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच तोरखाम तथा स्पिन बोलडाक दर्रों में अफगान यात्रियों को होने वाली समस्याओं के बारे में बातचीत की.

टोलो न्यूज ने वासिक के हवाले से कहा, ‘‘पाकिस्तान के अधिकारी सीमावर्ती इलाकों और खासकर तोरखाम एवं स्पिन बोलडाक में अफगान यात्रियों की समस्याओं का समाधान करने आए हैं. वे (उनकी काबुल यात्रा) चाहते थे और हमने स्वीकार कर लिया.’’ पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की सीमा के साथ लगते दूसरे सबसे बड़े व्यावसायिक सीमा केंद्र चमन सीमा क्रॉसिंग को सुरक्षा कारणों से बृहस्पतिवार को अस्थायी रूप से बंद कर दिया था. खैबर पख्तूनख्वा में तोरखाम व्यावसायिक शहर के बाद यह अफगानिस्तान के साथ लगता दूसरा सबसे बड़ा केंद्र है.

मुजाहिद ने कहा कि काबुल आए प्रतिनिधमंडल ने कहा कि अफगानिस्तान में कैदियों की रिहाई से जुड़ी सुरक्षा चिंताओं के कारण क्रॉसिंग को बंद किया गया है और देश में प्रवेश करने या देश छोड़ने की चाहत रखने वाले लोगों पर रोक लगाने का आग्रह किया. हिज्ब-ए-इस्लामी पार्टी के नेता गुलबुद्दीन हिकमतयार के निकटवर्ती सूत्रों का हवाला देते हुए चैनल ने कहा कि पाकिस्तान के खुफिया प्रमुख ने उनसे भी मुलाकात की और देश में वर्तमान स्थिति पर चर्चा की.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

four × 3 =

Back to top button