समस्त जिलाधिकारी, सीडीओ, डीपीआरओ व अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत को भेजे गये निर्देश

पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायती राज संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के लिए दिये जाने वाले दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सतत् विकास पुरस्कार, नानाजी देशमुख सर्वोत्तम पंचायत सतत विकास पुरस्कार एवं विशेष पुरस्कार के लिए आनलाइन आवेदन 10 सितंबर से प्रारम्भ होगा। इस हेतु आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर निर्धारित है।

लखनऊ (आरएनएस)

अपर मुख्य सचिव, पंचायतीराज विभाग मनोज कुमार सिंह ने प्रदेश के समस्त जिलाधिकारी, सीडीओ, डीपीआरओ व अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायती राज को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश भेज दिये हैं। उन्होंने कहा कि पंचायतों को उत्कृष्ट कार्यों हेतु पुरस्कृत करने का योजनाओं के समग्र कार्यान्वयन तथा ग्राम पंचायत में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित करने में अहम योगदान है। इसी के दृष्टिगत पंचायती राज मंत्रालय भारत सरकार द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाली पंचायती राज संस्थाओं को प्रोत्साहित करने हेतु प्रत्येक वर्ष पुरस्कार योजना का संचालन किया जाता है। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2022-23 से वर्ष 2025-26 के मध्य की घोषणा की गयी है, जोकि संयुक्त राष्ट्र संघ के सतत विकास लक्ष्य-2030 (एस.डी.जी.) पर आधारित है तथा पंचायतों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों जैसे आजीविका, बाल एवं महिला विकास, स्वच्छता, पेयजल, सुशासन आदि में किए गए कार्यों के आधार पर पुरस्कृत किया जाएगा। पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा सतत विकास लक्ष्य-2030 की सुगम प्राप्ति हेतु 17 निर्धारित लक्ष्यों का स्थानीयकरण करते हुए 9 थीम व विषयों में समेकित किया गया है, जिस पर कार्य करते हुए पंचायतें संरचनात्मक ढ़ांचे के विकास के साथ-साथ सामाजिक आर्थिक एवं मानव विकास से संबंधित मानकों को प्राप्त कर सकेंगी। पंचायती राज मंत्रालय द्वारा अब राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कारों हेतु भी पंचायतों का चयन सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण (एलएसडीजी) के अन्तर्गत चिन्हित उक्त 9 थीम व विषयों पर उनके द्वारा किये गये उत्कृष्ट कार्यों के आधार पर ही किया जाएगा। सतत विकास लक्ष्यो के स्थानीकरण (एल.एस.डी.जी.) के अन्तर्गत 9 थीम व विषय शामिल हैं, जिनमें गरीब मुक्त एवं बेहतर आजीविका वाली पंचायत, स्वस्थ पंचायत, बाल मैत्री पंचायत, पर्याप्त जलयुक्त वाली पंचायत, स्वच्छ एवं हरित पंचायत, आत्मनिर्भर बुनियादी ढाँचे युक्त पंचायत, न्यायसंगत एवं सामाजिक रूप से सुरक्षित पंचायत, सुशासित पंचायत तथा महिला हितैषी पंचायत शामिल है। उन्होंने बताया कि मूल्यांकन वर्ष 2021-22 में ग्राम पंचायतों द्वारा किये गये उत्कृष्ट कार्यों के आधार पर ऑनलाइन नामांकन करने हेतु एल.एस.डी.जी. की विभिन्न थीमध्विषयों की प्रश्नावलियाँ पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार के वेब पोर्टल पर10 सितम्बर से उपलब्ध होगी।

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