इंदिरानगर तकरोही क्षेत्र के शांतिनगर कॉलोनी में कई लोगों को बना चुका शिकार

 लखनऊ में ‘मिशन टाइगर’…चौंकिये मत! यह कोई बॉलीवुड फिल्म का मिशन टाइगर नहीं है बल्कि राजधानी के इंदिरानगर तकरोही क्षेत्र में सोमवार को हुआ ऐसा मिशन टाइगर रहा, जिसमें कई घंटे की मशक्कत के बाद भी नगर निगम की टीम सफल नहीं हो पायी। आखिरकार उस टीम को खाली हाथ जाना पड़ा और शांतिनगर कॉलोनी वासी फिर से संभवत: कुछ समय के लिये दशहत के माहौल में रहने को मजबूर हो गये। 

लखनऊ (आरएनएस)

 बता दें कि यह पूरा मामला कॉलोनी के एक टाइगर नामक कुत्ते (स्टेÑ डॉग) का है जोकि मोहल्ला के आसपास ही काफी समय से लोगों के बीच रहता रहा। कॉलोनी वासी ही उसे सुबह-रात खानपान की व्यवस्था कर देते और उसी से उसका काम चल जाता। मगर बीते रविवार शाम से टाइगर कुत्ते का व्यवहार अचानक बदल गया और अगले दिन सुबह होने तक उसने बच्चे, बूढ़े, महिला, मजदूर सहित कुल सात से आठ लोगों को अपना शिकार बना लिया। बल्कि छह साल के बच्चे अभिषेक के हाथों पर बुरी नोंच डाला, वहीं दूसरे बच्चे पीयूष के अंगुलियों को काट लिया। सुबह पड़ोसी सरबजीत अपने रोजाना काम पर जा रहे थे तो उन पर हमला बोल दिया, मगर वो किसी तरह बच गये। कॉलोनी वासी महिलायें सावित्री, लक्ष्मी राजपूत और सुभाषिनी देवी तथा विनीता कुमारी सभी ने बताया कि अब यह मोहल्ले का कुत्ता पालतू नहीं रह गया, इसका व्यवहार सभी आने-जाने वालों के लिये खतरनाक बन गया है। वहीं एक दूसरी महिला ने बताया कि इससे पहले किसी ने कुत्ते के पैर पर गाड़ी चढ़ा दी थी, जिससे वो लंगड़ाकर चल रहा। बस, इसके बाद से ही टाइगर का रूटीन व्यवहार एकदम से बदल गया है। वहीं इसकी जानकारी जब नगर निगम टीम के श्वान दस्ते को दी गई तो मौके पर दीपू रावत गाड़ी लेके पहुंचे। दोपहर को एक से लेकर डेढ़ घंटे तक टाइगर कुत्ते की खोजबीन की गई, मगर वो आसपास कही नहीं दिखा। कॉलोनी में एक निर्माणाधीन मकान पर काम कर रहे मजदूरों ने बताया कि वो डरकर सुबह अंदर छुप गया था, जैसे ही सुबह वो लोग काम पर आये उन पर झपट्टा मारने लगा फिर उन लोगों ने उसे वहां से भगा दिया और बस तभी से टाइगर कॉलोनी से लापता है। हालांकि डॉग टेÑनर दीपू ने बताया चंूकि टाइगर कुत्ते की फीमेल साथी डॉली पुकारू नाम कुतिया मोहल्ले में ही दिख रही, ऐसे में देर शाम तक वो फिर यहां आयेगा। आगे कहा कि जब भी वो दिखे, बस तुरंत उन्हें सूचित करें और टाइगर को किसी तरह से तंग न करें वो जहां बैठा है, वहीं पर कुछ देर के लिये छोड़ दिया जाये ताकि उसे पकड़ने में आसानी रहे। बहरहाल, इस चक्कर में कॉलोनी के खासकर बच्चों के बीच डर का माहौल कायम हो गया क्योंकि वो चाहकर भी बाहर खेलने-कूदने के लिये नहीं निकल पा रहे हैं।

राष्ट्रीय न्यूज़

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