भारत के पास दो एयरक्राफ्ट केरियर होने से चीन का डरना तय, पढ़े पूरी खबर

भारत के पास दो विमान वाहक पोत होने की चिंता चीन को भी होनी तय है। हालांकि चीन के पास तीन एयरक्राफ्ट केरियर मौजूद हैं। इनमें से एक को वो ट्रेनिंग शिप के लिए इस्‍तेमाल करता है। फिलहाल में तीनों ही आपरेशन और एक्टिव सर्विस में हैं। चीन के बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत भी अपनी समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और अंतरराष्‍ट्रीय समुद्र में चीन पर नजर रखने के लिए कदम आगे बढ़ा चुका है। भारत के पास मौजूदा समय में दो एयरक्राफ्ट केरियर हैं, लेकिन जल्‍द ही भारत के पास भी तीन एयरक्राफ्ट केरियर हो जाएंगे। तीसरे एयरक्राफ्ट केरियर का काम बड़ी तेजी से चल रहा है। ऐसे में चीन के एयरक्राफ्ट केरियर पर भी नजर डालनी बेहद जरूरी है। आइये जानते हैं इनके बारे में:-

चीन के पास मौजूदा समय में तीन एयरक्राफ्ट केरियर हैं। इनका नाम Liaoning, Shandong और Fujian है।Lliaoning काफी पुराना एयरक्राफ्ट केरियर है, जिसका निर्माण पूर्व सोवियत संघ के लात्विया में किया गया था। सोवियत संघ के विघटन के बाद इस आधे अधूरे शिप को यूक्रेन बेच दिया गया था। बाद में इसको चीन को बेचा गया। फिलहाल ये शिप केवल ट्रेनिंग के लिए ही इस्‍तेमाल किया जाता है। कीव क्‍लास का ये एयरक्राफ्ट केरियर टाइप 002 का है। चीन के पास आने से पहले इसका नाम Veryag हुआ करता था। दिसंबर 1988 में इसको लान्‍च किया गया था। 1998 में इसको चीन को बेचा गया और वर्ष 2002 में इसको चीन की नौसेना में शामिल किया गया था। बाद में इसमें इसमें कई बड़े बदलाव किए गए और सितंबर 2012 से ये फिर नौसेना को सौंपा गया। तब से ये एक्टिव सर्विस में है।

61 हजार टन वजनी एयरक्राफ्ट केरियर 

43 हजार टन का ये एयरक्राफ्ट केरियर पूरी तरह से लोड होने के बाद करीब 61 हजार टन का हो जाता है। इसकी लंबाई करीब 1005 फीट है और चौड़ाई करीब 885 फीट। स्‍टीम इंजन से चलने वाले इस एयरक्राफ्ट केरियर को अलग अलग टरबाइन से ताकत मिलती है। ये एयरक्राफ्ट केरियर 59 किमी प्रतिघंटा की स्‍पीड से चल सकता है। इस स्‍पीड से ये एक बार में 7130 किमी की दूरी तय कर सकता है और एक बार में समुद्र में करीब 45 दिनों तक रह सकता है। इस पर एक बार में 1960 क्रू मैंबर्स के अलावा 626 एयर ग्रुप मौजूद रहता है।

Shandong चीन का दूसरा एयरक्राफ्ट केरियर है जिसको 26 अप्रैल 2017 को लान्‍च किया गया था। ये 

एयरक्राफ्ट केरियर पूरी तरह से देश में ही तैयार किया गया है। ये टाइप 002 का एयरक्राफ्ट केरियर है। नाटो में इसका नाम Kuznetsov Mod. है। इसका डालियान शिपबिल्डिंग इंडस्‍ट्री ने तैयार किया है, जहां पर इससे पहले liaoning में बड़े बदलाव किए गए थे। इसकी शुरुआत मार्च 2015 में हुई थी और अप्रैल 2017 में इसको लान्‍च भी कर दिया गया। इसके बाद सभी ट्रायल पूरे कर लेने के बाद 17 दिसंबर 2019 को इसको पीएलए नौसेना में शामिल किया गया था। करीब 70 हजार टन वजनी इस जहाज की लंबाई 1000 फीट है। ये 57 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चल सकता है। इस पर एक बार में 36 फाइटर जेट मौजूद रह सकते हैं। इसके अलावा इसमें 18 सेल मिसाइल सिस्‍टम और 1130 सीआईडब्‍ल्‍यूएस 300 एमएम की बैरल गन लगी है।

Fujian चीन का तीसरा और टाइप 003 एयरक्राफ्ट केरियर है। इसको 17 जून 2022 को लान्‍च किया गया था। ये देश का पहला स्‍वदेशी तकनीक और डिजाइन से निर्मित एयरक्राफ्ट करियर है। इसमें CATOBAR (catapult assisted take off but arrested recovery) सिस्‍टम लगा हुआ है। इसको जियांगनन शिपयार्ड में तैयार किया गया है। 70 हजार टन वजनी ये एयरक्राफ्ट 1036 फीट लंबा है। पूरी तरह से लोड होने के बाद इसका वजन करीब 80 हजार टन हो जाता है। इसमें लगे स्‍टीम टर्बाइन, 8 बायलर, 4 शाफ्ट से इसको करीब 2.20 लाख हार्सपावर की शक्ति मिलती है। ग्‍लोबल टाइम्‍स की रिपोर्ट के मुताबिक इस एयरक्राफ्ट केरियर पर फिक्‍स्‍ड विंग्‍स वाले अवाक्‍स सिस्‍टम से लैस बड़े विमान भी उतारे जा सकते हैं।

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