भारत सरकार ने CyberDost के नाम से लॉन्च किया नया ट्विटर हैंडल,साइबर अपराध से बचाने में होगा काफी सहायक

 पिछले कुछ वर्षों में लोगों की इंटरनेट और स्मार्टफोन्स तक पहुंच आसान हो गई है। इसके साथ ही साइबर अपराध में भी बढ़ोतरी देखी गई है। जिसका प्रभाव देश में कानून लागू करने वालों पर भी पड़ रहा है। इस समस्या को कम करने के लिए और देश के नागरिकों की मदद करने के लिए सरकारी निकाय कई कदम उठा रहे हैं।

CyberDost ट्विटर हैंडल

साइबर अपराध के प्रसार के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए MHA( Ministry of Home Affairs) ने @CyberDost ‘ट्विटर हैंडल लॉन्च किया। बता दें कि इस ट्विटर हैंडल ने शॉर्ट वीडियो, इमेज और क्रिएटिव के माध्यम से 1066 से अधिक साइबर सुरक्षा युक्तियों को ट्वीट किया है। इसके 3.64 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं।

साइबर अपराध जागरूकता सप्ताह

केंद्र सरकार ने साइबर अपराध जागरूकता पर जनता को 100 करोड़ से अधिक SMS भेजे हैं। इसके साथ इन्होंने साइबर अपराध की रोकथाम पर प्रचार भी किया है और ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम जैसे विभिन्न प्लेटफार्मों पर वीडियो और GIF का उपयोग करके साइबर सुरक्षा युक्तियों को साझा किया है। इसके अलावा सरकार ने ‘साइबर सुरक्षा पर किशोरों/छात्रों के लिए हैंडबुक’ प्रकाशित करने जैसे कदम भी उठाए हैं। सरकार ने विभिन्न राज्यों में पुलिस विभाग के सहयोग और सी-डैक के माध्यम से साइबर सुरक्षा और सुरक्षा जागरूकता सप्ताह का भी आयोजन किया।

लोकल स्तर पर हो रहा है प्रचार

भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र(Indian Cybercrime Coordination Centre) (I4C) ने निवारक उपाय के रूप में राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों, मंत्रालयों/विभागों के साथ साइबर अपराध परामर्श भी जारी किए हैं। दिल्ली मेट्रो से भी लोकल स्तर पर राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग का प्रचार करने का अनुरोध किया गया है। बता दें कि सरकार ने जनवरी, 2022 में “साइबर स्पेस के लिए साइबर हाइजीन – क्या करें और क्या न करें” पर दो द्विभाषी मैनुअल पेश किए। सरकार का उद्देश्य इंटरनेट सुरक्षा, ईमेल, मोबाइल सुरक्षा आदि के संबंध में बुनियादी साइबर हाइजीन प्रदान करना था। .

गृह मंत्रालय द्वारा राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से अनुरोध किया गया है कि वे 6 अक्टूबर 2021 से साइबर हाइजीन पर हर महीने के पहले बुधवार को सुबह 11 बजे “साइबर जागरूकता दिवस” आयोजित करें। इसके अलावा सभी स्कूलों/कॉलेजों के लिए स्थानीय भाषाओं में जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। साथ ही शिक्षा मंत्रालय से 6वीं से 12वीं कक्षा तक साइबर सुरक्षा और साइबर हाइजीन से जुड़ा पाठ्यक्रम शुरू करने का अनुरोध किया गया है।

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