चीन के साथ बढ़ते तनाव को देखते हुए ताइवान ने उठाया ये बड़ा कदम, लड़ाकू विमान, हथियार समेत अन्य उपकरण अपने बेड़े में करेगा शामिल

चीन (China) के साथ बढ़ते तनाव को देखते हुए ताइवान (Taiwan) ने बड़ा कदम उठाया है। ताइवान ने चीन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए घातक लड़ाकू विमान (Fighter Jets) और बड़े हथियार समेत अन्य उपकरण अपने बेड़े में शामिल करने की ओर कदम बढ़ाया है। ताइवान ने गुरुवार को अपनी सुरक्षा को और ज्यादा मजबूत करने के लिए अगले साल रक्षा क्षेत्र में 19 अरब डालर खर्च करने का प्रस्ताव रखा है।

इस महीने अमेरिकी हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी (U.S. House Speaker Nancy Pelosi) की ताइवान यात्रा के बाद चीन ने बड़े पैमाने पर युद्धाभ्यास किया था, जिसे देखते हुए ताइवान सतर्क हो चुका है और चीन को धूल चटाने की तैयारी कर रहा है। पेलोसी की इस यात्रा के बाद चीन ने अमेरिका (America) के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की थी और इस यात्रा को चीन के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने के प्रयास के रूप में देखा था।

रक्षा क्षेत्र में 19.41 अरब डालर खर्च किए जाएंगे

ताइवान की राष्ट्रपति त्साई इंग वेन (Tsai Ing-wen) के मंत्रिमंडल द्वारा कुल प्रस्तावित रक्षा बजट में सालाना आधार पर 13.9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 19.41 अरब डालर निर्धारित किया गया है। इसमें लड़ाकू विमान और अन्य उपकरणों के लिए अतिरिक्त विशेष फंड शामिल हैं। हालांकि बजट, लेखा और सांख्यिकी महानिदेशालय (Directorate-General of Budget, Accounting and Statistics) ने यह नहीं बताया है कि पैसा कहां जाएगा।

ताइवान ने की रक्षा बजट में रिकार्ड बढ़ोतरी

बता दें कि 2022 में दहाई अंकों में वृद्धि हाल के वर्षों में ताइवान के रक्षा खर्च में वृद्धि की तुलना में सबसे अधिक है। ताइवान की 2017 के बाद से वार्षिक वृद्धि 4 प्रतिशत से नीचे रही है। सांख्यिकी विभाग के मंत्री चू त्ज़र मिंग (Chu Tzer-ming) ने कहा कि रक्षा खर्च में वृद्धि मुख्य रूप से Operational Costs पर जाएगी। ताइवान अपने रक्षा बजट में लगातार वृद्धि कर रहा है।

राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है ताइवान

चू ने कहा, ‘हम हमेशा सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं। इसलिए बजट के लिए Operational Costs बहुत बढ़ जाती है।’

उन्होंने कहा कि ताइवान के पास चीनी सैन्य गतिविधियों का मुकाबला करने के लिए भेजे गए विमानों और जहाजों के लिए ईंधन और रखरखाव जैसी लागतों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सैन्य उपकरणों और फंडों के लिए अतिरिक्त बजट को छोड़कर, प्रस्तावित रक्षा खर्च में सालाना आधार पर 12.9% की वृद्धि हुई है, जबकि अगले वर्ष के लिए प्रस्तावित कुल सरकारी बजट में 20.8% की वृद्धि हुई है।

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