यातायात नियमों का उल्लंघन करना अब पड़ेगा मेहेंगा, जानें पूरी ख़बर

यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर एनपीआर कैमरों और वाहन ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए नकेल कसी जाएगी। वाहन ट्रैकिंग सिस्टम के तहत वर्तमान में परिवहन विभाग नियमित रूप से 24 हजार वाहनों की निगरानी कर रहा है। यातायात नियमों का उल्लंघन का अलर्ट मिलते ही संबंधित वाहन का चालान कर दिया जाएगा।

राज्य में भारी यात्री ओर मालवाहक वाहनों पर जीपीएस सिस्टम लगाना अनिवार्य है। परिवहन आयुक्त मुख्यालय से प्रत्येक वाहन की डिजीटल कंट्रोल पैनल के जरिए जीपीएस युक्त वाहनों की निगरानी की जा रही है। इस वक्त दो हजार माल वाहक वाहन और बाकी यात्री वाहन जीपीएस के जरिए परिवहन विभाग के राडार पर हैं।

जीपीएस सिस्टम के तहत लगने वाहन में लगने वाली डिवाइस हर दो मिनट पर कंट्रोल रूम को मैसेज जारी करती रहती है। वाहन के तय रूट से हटने, तय सीमा से अधिक रफ्तार से वाहन चलाने तक की सूचना मैसेज के जरिए आ जाती है। एसटीए अध्यक्ष अरविंद सिंह ह्यांकी ने बताया कि वर्तमान में वाहन चालक को अलर्ट रहने का ही मैसेज मुख्यालय से भेजा रहा था। लेकिन अब से नियमों को उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल ही ऑनलाइन चालान भी कर दिया जाएगा।

एएनपीआर कैमरों से रखेंगे हर वाहन पर नजर
ह्यांकी ने बताया कि लोगों को यातायात नियमों का पालन कराने के लिए जागरूकता अभियान तो चलाए ही जाएंगे, मुख्य और यातायात के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों में एनपीआर (आटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्नाइजेशन) कैमरे भी लगाए जा रहे हैं। इन कैमरों की मदद से हर वाहन पर नजर रखी जा सकेगी। इनकी रेंज काफी बेहतर होती है। कार के भीतर व्यक्ति ने सीट बेल्ट पहनी है या नहीं, यह भी कैमरे से दर्ज हो जाता है।

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