FAKE CURRENCY बरामद , विधानसभा चुनाव में फैला FAKE CURRENCY का जाल, शहर से लेकर ग्रामीण तक खपाई जा रही FAKE CURRENCY

गिरफ्तार गिरोह अब तक बड़ी तादात में फेक करेंसी तैयार कर उन्हें सप्लाई भी कर चुका है यही वजह है कि अब पुलिस इससे जुड़े हर नेटवर्क तक पहुंचने की फ़िराक में है ताकि इस पुरे नकसेस तक पहुंचा जा सके।

फेक करेंसी बरामद , विधानसभा चुनाव में फैला फेक करेंसी का जाल।  शहर से लेकर ग्रामीण तक खपाई जा रही फेक करेंसी

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में बड़ी तादात में फेक करेंसी खपाई जा रही है। इसका खुलासा खुद लखनऊ पुलिस ने किया है।  तालकटोरा और डीसीपी वेस्ट की सर्विलांस टीम ने गिरोह के मास्टरमइंड सलमान उर्फ़ आफ़ताब को उसके 4 साथियो के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस गिरोह के पास से 81550 के जाली नोट भी बरामद किये है साथ ही कलर प्रिंटर , बांड पेपर व् अन्य उपकरण भी बरामद किये है।

पुलिस ने फेक करेंसी के मास्टरमइंड सलमान और उसके बाकि चारो साथियो मुबस्सिर, अरबाज , सावेज और राहुल को आलमनगर फ्लाईओवर के पास से उस वक्त गिरफ्तार किया जब ये गिरोह नकली नोटों की डिलीवरी करने पहुंचा था। पुलिस ने इनके पास से 500 , 200 , 100 , 50 और 20 की नकली नोटों के 81550 करेंसी बरामद की।  गिरफ्तार आरोपी रिफा हसियामऊ कालोनी में किराये का मकान लेकर इस जाली नोटों का धंधा कर रहे थे। 

पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में जले हुए नोट भी बरामद किये है। जिन्हे आरोपियों ने पुलिस के पकड़े जाने के डर से जला दिया था।  ये गिरोह हाई क्वालिटी के कलर प्रिंटर से पहले असली नोटों को स्कैन कर फेक करेंसी तैयार करता था बाद में तमाम वेंडर के जरिये इन्हे शहर से लेकर ग्रामीण इलाको में चलवाता था।

जिसके एवज में ये 60 हजार की फेक करेंसी के बदले असली 10 हजार की रकम देता था। पुलिस की पूछताछ में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि इन नकली नोटों को आने वाले चुनाव में भी खपाया जा रहा था।  खासकर ग्रामीण इलाको में ताकि इनके जरिये तैयार किये गए नकली नोटों को पकड़ा ना जा सके।  पुलिस का मानना है कि फेक करेंसी का ये जाल लखनऊ से लेकर पुरे यूपी के तमाम जिलों तक फैला हुआ है। .. जिसे लेकर पुलिस इन आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तयारी में है। .

गिरफ्तार गिरोह अब तक बड़ी तादात में फेक करेंसी तैयार कर उन्हें सप्लाई भी कर चुका है यही वजह है कि अब पुलिस इससे जुड़े हर नेटवर्क तक पहुंचने की फ़िराक में है ताकि इस पुरे नकसेस तक पहुंचा जा सके। तो दूसरी तरफ बड़ा सवाल भी खड़ा हो रहा है कि ये गिरोह पिछले काफी समय से फेक करेंसी के इस गोरख धंधे को संचालित करता आ रहा था लेकिन स्थानीय पुलिस को काफी देर बाद भनक लग पाई।

Related Articles

Back to top button