संजू प्रधान की हत्या में हर रोज हो रहे नए खुलासे ,इसमें सफेदपोशों का हाथ होने की आशंका

भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी ने सिमडेगा के बेसराजारा गांव में बीते चार जनवरी को हुई संजू प्रधान की हत्या को बड़ी साजिश बताया है। उन्होंने इस हत्या में सफेदपोशों का हाथ होने की आशंका जताते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। शनिवार को भाजपा प्रदेश मुख्यालय में मीडिया से बाबूलाल ने इस पूरे प्रकरण में पुलिस की भूमिका को भी संदिग्ध बताते हुए सिमडेगा एसपी और स्थानीय थानेदार को तत्काल बर्खास्त करने की मांग भी की है। संजू प्रधान के परिजनों को दस लाख रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी देेने के लिए भी राज्य सरकार पर दबाव बनाया। इस मौके पर भाजपा की राष्ट्रीय मंत्री सह रांची की मेयर आशा लकड़ा, भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष गंगोत्री कुजूर भी उपस्थित थीं।

बाबूलाल मरांडी ने घटना को बताया क्रूरता से भरा हुआ

बाबूलाल ने कहा कि कल मैंने बेसराजारा गांव जाकर संजू प्रधान की पत्नी और उनके परिजनों से मुलाकात की थी। उन्होंने विस्तार से पूरी घटना की जानकारी मुझे दी। बताया कि किस प्रकार संजू प्रधान को घर से घसीटकर ले जाया गया और क्रूरता पूर्वक जला कर उनकी हत्या कर दी गई। बाबूलाल ने कहा कि पूरा घटनाक्रम एक बड़ी साजिश की ओर इशारा कर रहा है। जिसमें सफेदापोश लोगों का हाथ होने की पूरी आंशका है। कहा, पूरे प्रकरण में पुलिस की भूमिका भी संदिग्ध रही है। पुलिस से संजू प्रधान की पत्नी बचाने की गुहार लगाती ही लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया, बल्कि वीडियाे बनाते रहे। सिमडेगा पुलिस मुख्यालय महज 15 किलोमीटर दूर होने के बाद भी पुलिस अधिकारी नहीं पहुंचे। अगले दिन डीसी और एसपी पहुंचते हैं। बाबूलाल ने कहा कि इस प्रकरण में जिन तीन लोगाें को गिरफ्तार कर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है, वह संजू प्रधान के परिजन ही हैं। उनका इस मामले से कोई लेना देना नहीं। बाबूलाल ने कहा कि पुलिस ने संजू प्रधान की पत्नी से तीन सादे पेपर पर हस्ताक्षर भी कराएं हैं, जाने पुलिस उसका क्या करेगी। यह भी कहा कि जिस लकड़ी काटने वाले पुराने मामले से इस प्रकरण को जोड़ने की कोशिश की जा रही है, वह मामला अक्टूबर का है। उसका घटना से कोई लेना देना नहीं।

गोमांस की बाजार में होती थी बिक्री संजू प्रधान उसका विरोध करता था

बाबूलाल मरांडी ने पूरे घटनाक्रम को मीडिया से साझा करते हुए बताय कि बेसराजारा गांव में संजू प्रधान के घर के सामने के ही एक हाट लगता है। हाट में गोमांस मांस की खुले आम बिक्री होती थी, जिसका वह विरोध करता था। उस वजह से लोग इसे तरह-तरह की धमकी देते थे। चार तारीख जिस दिन घटना घटी, उस दिन बेसराजारा गांव से करीब दो किलोमीटर बगल के बंबेलकेरा गांव में। लोग मीटिंग करते हैं और मीटिंग के बाद वहां से चार-पांच सौ की संख्या में लोग बेसराजारा गांव आते हैं। ठेठाईटांगर की पुलिस भी उनके साथ में थी। बंबेलकेरा गांव के जो ग्राम प्रधान थे, संजू प्रधान को पकड़कर-घसीटकर ले जाते हैं। संजू के परिजनों ने बात करने की, कोशिश की बचाने की कोशिश करते हैं लेकिन कोई नहीं सुनता है। बाबूलाल ने कहा कि संजू की पत्नी सपना देवी हमें बताया कि वह पुलिस के पैर पकडती रही कि आप लोग हवाई फायरिंग करिए लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। मूकदर्शक बनीं रही और वीडियो बनाती रही। लोगों ने उसे पीटने के बाद क्रूरता पूर्वक वहीं जला दिया। अपने आप में यह ह्दयविदारक घटना है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

5 + thirteen =

Back to top button