भ्रष्टाचार पर करारी चोट करता है नाटक “दी एक्सीडेंटल डेथ ऑफ़ एन अनार्किस्ट

 नव अंशिका फाउण्डेश, उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी और संस्कृति विभाग के तत्वावधान में सोमवार 13 जून को नाटक “दी एक्सीडेंटल डेथ ऑफ़ एन अनार्किस्ट” का मंचन विकास दुबे के कुलश निर्देशन में वाल्मीकि ऑडिटोरियम में किया गया। इस नाटक के लेखक डारिओ फो हैं और इस नाटक का हिंदी रूपांतरण अमिताभ श्रीवास्तव ने किया हैं। इस नाटक के माध्यम से भ्रष्टाचार के मुद्दे को प्रभावी रूप से उठाया गया।

लखनऊ(आरएनएस) 

नाटक का कथानक, आतंकी बम विस्फोट के सिलसिले में गिरफ्तार व्यक्ति पर आधारित था। पुलिस मुख्यालय में पूछताछ के दौरान उसकी मृत्यु चौथी मंजिल की खिडक़ी से गिर कर हो जाती है। पुलिस रिपोर्ट में तमाम साक्ष्यों को नजरअंदाज करते हुए उसे आत्महत्या करार दिया जाता है। नाटक के दौरान एक संकी का पुलिस मुख्यालय में प्रवेश होता है। वह अपने तर्कों से कथानक में मोड़ लाने में सफल हो जाता है। मंच पर बाजपेयी की राहुल दक्ष, हवलदार की आदर्श तिवारी, संकी की विकास दुबे, पहुजा की अमन आर्य, सुपरिटेंडेंट की सतीश झा, फातिमा की भूमिका सुधा प्रजापति ने प्रभावी रूप से निभायी। मंच परे में कला निर्देशक का राज नितिन यादव, प्रकाश परिकल्पना का नीतीश भारद्वाज और संगीत परिकलपना का तुषार गुप्ता, मंच सज्जा का मेराज आलम और अंशुमन दीक्षित ने दायित्व निभाया। इसमें शैलेश पाली, काव्या मिश्रा, मनीष पाली, राहुल य़ादव, शुभम तिवारी, शुभम सिंह, अंशिका त्यागी प्रज्ज्वल श्रीवास्तव ने सहयोग किया। रिया तिवारी सहायक निदेशक रहीं।

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