भाषा विश्वविद्यालय में नैक मूल्यांकन के पहलुओं पर हुई चर्चा

 केएमसी भाषा विश्वविद्यालय में नैक हैन्ड होल्डिंग कार्यशाला का आयोजन विश्वविद्यालय कुलपति प्रो. एन.बी. सिंह की अध्यक्षता में किया गया। जिसमें नैक के सलाहकार डॉ. देवेंद्र कावड़े व सहायक सलाहकार डॉ. रूचि त्रिपाठी ने विश्वविद्यालय शिक्षकों और कर्मचारियों के साथ नैक मूल्यांकन से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। कार्यशाला के प्रथम सत्र के शुरूआत में डॉ.कावड़े ने विश्वविद्यालय के संदर्भ में अपने आॅब्जर्वेशन को साँझा करते हुए कहा कि इस विश्वविद्यालय में अपार संभावनाएं हैं और यदि सभी शिक्षक मिलकर नैक मूल्यांकन के लिए कार्य करते हैं , तो यकीनन यह विश्वविद्यालय अच्छी ग्रेडिंग प्राप्त कर सकता है। 

लखनऊ(आरएनएस)

उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय के शिक्षकों की एकता एवं अखंडता ऐसी पूंजी है, जिसे विश्वविद्यालय सकारात्मक रूप में उपयोग में ला सकता है। एक्रीडेशन व असेसमेंट प्रक्रिया की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी प्रक्रिया है, जिससे विश्विद्यालय हर क्षेत्र में अपनी गुणवत्ता के स्तर को बेहतर कर सकता है। विश्वविद्यालय के विजन व मिशन की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह ऐसे लक्ष्य हैं,जो विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम एवं उसकी कार्यशैली में झलकनी चाहिए। उन्होंने बताया कि यदि विश्वविद्यालय नैक एक्रीडेशन प्राप्त कर लेता है, तो उसे कई संस्थानों से फंडिंग मिल सकती है। जिससे विश्वविद्यालय की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत किया जा सकता है। एसएसआर रिपोर्ट के संदर्भ में बात करते हुए उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को यह ध्यान देना चाहिए कि इसमें दिया जाने वाला डेटा, सत्यापित हो। उन्होंने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय की वेबसाइट उसका दर्पण होती है। इसलिए उसे जीवंत बनाने के लिए फोटो व वीडियो का उपयोग किया जाना चाहिए। उन्होंने स्टार्टअप एवं कोलैबोरेशन के विषय में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि आंकड़ों के अनुसार ज्यादातर विद्यार्थी कला एवं मानविकी विषयों में रुचि रखते हैं ,और इस आधार पर भाषा विश्वविद्यालय उनके लिए एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। उन्होंने सातों क्राइटेरिया पर उदहारण सहित कई महत्वपूर्ण बातें बतायी जो विश्वविद्यालय के नैक मूल्यांकन में उपयोगी सिद्ध होंगी। वहीं दूसरे सत्र में प्रश्न उत्तर के माध्यम से विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने नैक मैट्रिक्स से संबंधित प्रश्न पूछे। इस सत्र में डॉ. आमिना, डॉ. दोआ नकवी, डॉ. प्रियंका सूर्यवंशी, डॉ. ममता शुक्ला, डॉ. काजिÞम रिजवी, डॉ. तनु डंग एवं अन्य शिक्षकों ने प्रश्न पूछें। कार्यशाला का सफल संचालन डॉ. जावेद अख़्तर, विषय प्रभारी फारसी विभाग ने किया। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. सौबान सईद, समन्वयक नैक ने किया। कार्यक्रम में नैक समिति के सदस्य डॉ. तनु डंग, डॉ. प्रियंका सूर्यवंशी, डॉ. नीरज शुक्ल, डॉ. दोआ नकवी, प्रो. तनवीर खदीजा एवं प्रो. सैयद हैदर अली के साथ कुलसचिव संजय कुमार एवं लगभग 54 शिक्षक तथा 20 प्रशासनिक कर्मचारी उपस्थित रहे।

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