उपमुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी चिकित्साधिकारियों को दिए निर्देश

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने प्रदेश के सभी मंडलीय चिकित्सा अधिकारियों, सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि मौसम और विलम्बित वर्षा को देखते हुये सतर्क रहें। उन्होंने निर्देश दिया है कि विभिन्न प्रकार के संचारी रोग, विशेष रूप से स्वाइन फ्लू, डेंगू, मलेरिया, कालाजार, चिकनगुनिया इत्यादि के नियंत्रण के लिये चिकित्सालयों में सभी आवश्यक कदम उठायें जायें। पूरे प्रदेश में संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम चल रहा है।

लखनऊ (आरएनएस)

 इस हेतु विभिन्न संचार माध्यमों से जनता को सावधानी बरतने हेतु जागरूक किया जाये। स्थानीय प्रशासन एवं अन्य विभागों सहित स्वंयसेवी संस्थाओं का सहयोग लेते हुए अस्पतालों में आईसोलेशन वार्ड बनाकर पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाये। चिकित्सालयों में साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। चिकित्सालयों में आने वाले मरीजों को गंभीरता से लेते हुए उनकी हर संभव मदद करें। उन्होंने निर्देश दिया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आने वाले मरीजों को हर संभव उपचार केंद्र स्तर पर ही उपलब्ध कराएं अत्यंत आवश्यक होने पर ही उन्हें रिफर किया जाये।
उपमुख्यमंत्री बुधवार को योजना भवन में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के समस्त मंडलीय एवं जनपदीय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ विभागीय समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना के अर्न्तगत आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया में और तेजी लाने हेतु निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कुछ जनपदों में आयुष्मान कार्ड बनाने का प्रेरणास्पद कार्य हुआ है किन्तु कई जनपदों में अभी और अधिक तेजी लाए जाने की आवश्यकता है। इसके साथ ही सूचीबद्ध अस्पतालों (निजी और सरकारी) और लक्षित समूहों के बीच में समन्वय स्थापित किये जाने की आवश्यकता है ताकि लोगों को इस योजना का लाभ मिल सके। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कुल 21113 स्वास्थ्य इकाईयों (सब सेंटर, पीएचसी और अर्बन सब सेंटर) को हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर के रूप में उच्चीकृत करने का लक्ष्य है। जहाँ भूमि उपलब्ध है वहाँ आवश्यक निर्माण, लक्षित केन्द्रों की ब्रांडिंग, मानकानुसार फर्नीचर, उपकरण एवं डॉयग्नोस्टिक किट की उपलब्धता जनपद स्तर पर सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए आवश्यक धनराशि और निर्देश भेजे जा चुके हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से परीक्षण किया जाए कि जितने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर संचालित हैं उन पर आवश्यक संसाधन क्रियाशील रहे। उन्होंने कहा कि चिकित्सालयों में आने वाले मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो। मरीजों को बेहतर से बेहतर चिकित्सकीय सेवाएं आसानी से उन्हें उपलब्ध कराई जाएं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जनपदों के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 6 शैय्या वृद्धि, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 20 शैय्या वृद्धि और जिला चिकित्सालयों में शैय्या वृद्धि, फील्ड चिकित्सालयों एवं उपकेन्द्रों का निर्माण, बी०पी०एच०यू० लैब, आई०पी०एच०एल० लैब, क्रिटिकल केयर ब्लॉक इत्यादि की स्थापना के लिए धनराशि जनपदों को अवमुक्त की जा रही है। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं को ससमय पूरी पारदर्शिता के साथ उच्च गुणवत्ता युक्त पूरा कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। निर्माण कार्यों के संबंध में कार्यदाई संस्थाओं के साथ बैठक करते हुए कार्य में तेजी लाई जाए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम के अर्न्तगत जनपदों को जारी की गयी धनराशि को उपयोग करते हुए निर्माण इत्यादि कार्यों में तेजी लाई जाए। इसके साथ ही आशा एवं आशा संगिनियों को भुगतान की जाने वाली प्रोत्साहन धनराशि उन्हें समय से उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।

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