कोरोना का कहर : जानिए कैसे कमाएं, कैसे बचाएं, कहां कितना करें खर्च ,देखे ये टिप्‍स आएगें आपके काम

नए साल के दस्तक देने के साथ ही कोरोना के मामले भी बढ़ने लगे हैं। सरकारें भी नई गाइडलाइन जारी कर सख्तियां बरतने लगी हैं। कोरोना के मामले का एक बार फिर तेजी से बढ़ना तीसरी लहर का संकेत माना जा रहा है। ऐसे में आर्थिक मोर्चे पर भी आदमी को परेशानी उठानी पड़ सकती है। इस मुश्किल घड़ी में कैसे आप घरेलू आर्थिक स्थिति सुधार सकते हैं, इस पर हमारे एक्सपर्ट की राय आपके लिए मददगार साबित होगी।

खर्च का एनालिसिस जरूरी

सेबी इन्‍वेस्‍टमेंट एडवाइर और एक्सपर्ट जितेंद्र सोलंकी कहते हैं, फाइनेंशियल प्लानिंग करते वक़्त वे सभी बातें शामिल होंगी जिनमें कमाई, खर्चे और बचत शामिल है। सोलंकी कहते हैं पिछले 2 साल हमारे कोरोना काल में गुजरे हैं इस परिस्तिथि में हमारे खर्चों में कमी आई है। हम अब कम घूमने जा रहे, हम बाहर जाकर कम खर्च कर रहे हैं। अब जब तीसरी लहर सामने दिख रही है, तो एक बार फिर हमने बाकी के दो लहरों का सामना जिस तरह से किया है वैसे ही इस बार भी करें। खर्चें कम से कम करें। जहां जरूरी हो वही खर्च करें। खर्च का एनालिसिस जरूरी है।

हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी जरूरी

जितेंद्र सोलंकी कहते हैं, हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी से हम अप्रत्याशित खर्चों से बच जाएंगे, जिनके पास ये पॉलिसी नहीं है वे जरूर लें। जिनके पास ये पॉलिसी थी और 3 से पांच लाख तक की थी उनके पास भी ये हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी कम पड़ रही है। क्योंकि कोरोना काल में मेडिकल पर लोगों के दस लाख तक खर्च हुए हैं। इसलिए हेल्थ इंश्योरेंस कितना पर्याप्त है इसका एनालिसिस भी जरूरी है। सोलंकी कहते हैं चार लोगों के परिवार में 10 से 15 लाख का हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी होना चाहिए। उन्होंने कहा एक पॉलिसी लेने के बाद आप एक टॉप अप पॉलिसी ले सकते हैं।

फाइनेंशियल प्लानिंग का हर साल रिव्यू जरूरी

जितेंद्र सोलंकी के मुताबिक, फाइनेंशियल प्लानिंग कोई वन टाइम एक्सरसाइज नहीं है, इसका रिव्यू हर साल करते रहना चाहिए। कई बार बच्चों की स्कूल फीस या कोई प्रीमियम भरना होता है तो बजट बिगड़ जाता है। इसलिए ये देखना जरूरी है कि क्या अगर हमारे खर्चे बढ़ रहे हैं तो हमारी कमाई बढ़ रही है या नहीं। ये भी देखना जरूरी है कि हमारी बचत पर इसका कोई असर न हो।

होम लोन ट्रांसफर सोच समझकर करें

जितेंद्र सोलंकी कहते हैं, खर्चों में होम लोन भी शामिल है, लेकिन अभी कुछ बैंक होम लोन बहुत कम रेट पर दे रहे हैं। इसलिए होम लोन ट्रांसफर में ये देखना ज्यादा जरूरी है कि लोन ट्रांसफर का फायदा आपको कितना मिल रहा है। क्या आपको आपके पूरे लोन अमाउंट पर ट्रांसफर का फायदा मिल रहा है या नहीं।

अच्छा क्रेडिट स्कोर जरूरी

क्रेडिट स्कोर अच्छा होगा तो लोन मिलने में आसानी होगी, इसलिए क्रेडिट स्कोर अच्छा रखें। सोलंकी कहते हैं बैंक चेक करते हैं कि आपकी क्रेडिट हिस्ट्री कैसी है। अगर आपकी हिस्ट्री अच्छी है तो लोन मिलने में आसानी होगी। कभी पेमेंट को डिफ़ॉल्ट न होने दें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published.

eleven + fifteen =

Back to top button