रात में जल्दी नींद नहीं आती? कैसे दूर करें यह समस्या?

जानकारों की मानें तो लोगों की दिनचर्या ऐसी हो गई है कि वह सोने के लिए बिस्तर पर बहुत देरी से जा रहे हैं और सामान्य दिनों की तुलना में अधिक समय तक बिस्तर पर लेटे रहते हैं, जिससे उनका सर्केडियन रिदम गड़बड़ा गया है।

Pretty student girl in striped t-shirt trying to have some sleep, sitting in bedroom with pillow on her head, closing eyes, having tired painful look, irritated with annoying sound. Negative emotions

कोरोना जैसी महामारी के बाद देखा गया है कि आज कल कई लोग नींद की समस्या से पीड़ित रहते हैं।अमेरिकन एकेडमी ऑफ स्लीप मेडिसिन की एक रिपोर्ट की बात करे तो, पिछले साल हुए एक सर्वे में 20% अमेरिकी नौजवानों ने कोराना की वजह से नींद को लेकर समस्या बताई थी, वहीं मार्च 2021 में किए गए सर्वे में ऐसे लोगों की संख्या 60% पहुंच तक गई है।

नींद क्यों नहीं आती, इसके खतरे क्या हैं और इस समस्या को कैसे दूर करें?
जानकारों की मानें तो लोगों की दिनचर्या ऐसी हो गई है कि वह सोने के लिए बिस्तर पर बहुत देरी से जा रहे हैं और सामान्य दिनों की तुलना में अधिक समय तक बिस्तर पर लेटे रहते हैं, जिससे उनका सर्केडियन रिदम गड़बड़ा गया है।

आधी- अधूरी नींद की वजह से कमजोर इम्यूनिटी, क्रोनिक डिजीज जैसे कि डिप्रेशन, टाइप-2 डायबिटीज और हृदय रोगों का खतरा बढ़ता है।

 50 साल से अधिक उम्र के लोगों में 6 घंटे से कम नींद होने पर डिमेंशिया का खतरा अधिक होता है।

तो आइए बताते हैं कि अच्छी नींद के लिए किन बातों का ध्यान रखें

25 मिनट तक नींद न आए तो बिस्तर छोड़ दें …हल्की स्ट्रेचिंग कर सकते हैं। हल्की रोशनी में कोई मैगजीन पढ़ें। डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें। जब उनींदापन आने लगे तो सोने जाएं।

सोने के समय मोबाइल का इस्तेमाल नींद के लिए सबसे ज्यादा नुकसानदायक है।, जब भी आप मोबाइल का उपयोग करें खड़े हो जाएं। इसके बाद जब लेटने या बैठने का मन करे मोबाइल को दूर कर दें। आप पाएंगे कि 10 मिनट बाद ही आपका लेटने का मन करने लगेगा।

 रोजाना कम से कम 15 मिनट सुबह की धूप में बिताएं। जब सूरज की किरणें आंखों पर पड़ती है तो दिमाग को एक सिग्नल भेजती है, जिससे नींद लाने वाले हार्मोन मेलाटोनिन का स्राव बंद हो जाता है।

 सोने के 2 घंटे पहले एक खाली पेज लेकर बैठ जाएं। अब दिमाग में चल रहे सारे विचारों को इस पर लिख लें। खासकर उन्हें जो आपको अगले दिन करने हैं और परेशान कर रहे हैं। जब पूरे विचार लिख जाएं तो कागज को मरोड़कर उसे कूड़ेदान में फेंक दें। यह एक संकेतिक प्रक्रिया है जो विचारों को दूर कर दिमाग को शांत करती है।

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