अमेरिका में बैंकिंग संकट! सिलिकॉन वैली बैंक पर लगा ताला

वाशिंगटन। अमेरिका में फिर बैंकिंग संकट आ गया है। कैलिफोर्निया के एक नियामक ने वित्तीय संकट में घिरे देश के सबसे बड़े बैंकों में से एक सिलिकॉन वैली बैंक को बंद कर दिया है। साथ ही उसने फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेंस कॉरपोरेशन को बैंक का रिसीवर नियुक्त किया है। बैंकों में जमा ग्राहकों की राशि की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इससे पहले प्री-मार्केट ट्रेडिंग में बैंक के शेयरों में 66 फीसदी की गिरावट के बाद इसे कारोबार से रोक दिया गया।
करीब ढाई साल में ये दूसरी बार है, जब बैंक बंद हुआ है। इससे पहले अक्टूबर 2020 में अलमेना स्टेट बैंक पर भी ताला लग गया था। रिपोर्ट के अनुसार, सिलिकॉन वैली बैंक का मुख्य कार्यालय और सभी शाखाएं 13 मार्च को फिर से खुलेंगी और सभी बीमित जमाकर्ताओं के पास सोमवार सुबह तक अपनी जमा राशि का एक्सेस होगा। 31 दिसंबर 2022 तक सिलिकॉन वैली बैंक की कुल संपत्ति करीब 209 अरब डॉलर थी और कुल डिपॉजिट करीब 175।4 अरब डॉलर था।
रॉयटर्स के अनुसार, पिछले दो दिनों में अमेरिकी बैंकों के शेयर के मार्केट वैल्यू में 100 अरब डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ है। यूरोपीय बैंकों की वैल्यू में लगभग 50 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है।
सिलिकॉन वैली बैंक अमेरिका का 16वां सबसे बड़ा बैंक है। ये नए जमाने की टेक कंपनियों और वेंचर कैपिटल के निवेश वाली कंपनियों तो फाइनेंसियल सपोर्ट देने वाला अमेरिका का प्रमुख बैंक है। हालांकि, पिछले 18 महीनों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में इजाफा किया है। इस वजह से ऐसी कंपनियों को तगड़ा नुकसान हुआ है।
इसके अलावा अधिक जोखिम की वजह से निवेशकों की दिलचस्पी टेक कंपनियों में कम हुई है। हाई इंटरेस्ट रेट की वजह से कई स्टार्टअप्स के आईपीओ के लिए मार्केट क्लोज हो गया। इस वजह से फंड का संकट बढ़ गया। तब सिलिकॉन वैली बैंक के कुछ ग्राहकों ने अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए पैसे निकालने शुरू कर दिए।
ऑनलाइन बैंकिंग और अन्य सेवाओं सहित सोमवार 13 मार्च से बैंकिंग गतिविधियां फिर से शुरू हो जाएंगी। सिलिकॉन वैली बैंक के आधिकारिक चेक क्लियर होते रहेंगे। फेडरल डिपॉजिट इंश्योरेंस एक्ट के तहत, यह सुनिश्चित करने के लिए बना सकता है कि ग्राहकों की उनके बीमित फंड तक पहुंच बनी रहे। रिसीवर के रूप में बाद में निपटान के लिए सिलिकॉन वैली बैंक की सभी संपत्तियों को बनाए रखेगा। लोन लेने वाले ग्राहकों को अपना भुगतान हमेशा की तरह जारी रखना होगा।
बता दें कि अमेरिका में बैंकिंग सेक्टर का सबसे बड़ा संकट साल 2008 में आया था। इस साल बैंकिंग फर्म लेहमन ब्रदर्स ने खुद को दिवालिया घोषित कर दिया था। इसके बाद अमेरिका समेत पूरी दुनिया में आर्थिक मंदी छा गई थी और इकोनॉमी की कमर टूट गई थी।
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