आत्मनिर्भर कृषि ऐप हुआ लॉन्च, किसानों को मिलेगी खेती और मौसम संबंधी तमाम जानकारियां

ऐप के एंड्रॉइड और विंडोज संस्करण गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध हैं और किसान, स्टार्ट-अप, केवीके, एसएचजी या एनजीओ इसका निःशुल्क इस्तेमाल कर सकेंगे।

किसानों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए अब केंद्र सरकार की ओर से किसानों को थोड़ी राहत देने की कोशिश की गई है। दरअसल, सरकार की ओर से किसानों के लिए आत्मनिर्भर कृषि ऐप जारी किया गया है. इस ऐप की मदद से किसान कई तरह की सूचना हासिल कर सकेंगे।

भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. के. विजय राघवन ने ऐप लॉन्च के मौके पर कहा  “भारत सरकार ने स्थानीय स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने, बाजार और आपूर्ति श्रृंखला को सहयोग करने, महामारी के दौरान सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले दो प्रमुख वर्ग किसान और प्रवासी श्रमिकों को सशक्त बनाने के लिए एक मजबूत प्रणाली के लिए निर्बाध रूप से काम किया है। किसान मित्र की पहल से आत्मनिर्भर कृषि ऐप के जरिए किसानों के पास आईएमडी, इसरो, आईसीएआर और सीजीडब्ल्यूए जैसे हमारे शोध संगठनों द्वारा उत्पन्न साक्ष्य-आधारित जानकारी होगी। यह जानकारी (किसानों द्वारा फसल पैटर्न, छोटे किसानों की जोत के मशीनीकरण या पराली जलाने संबंधी निर्णय लेने के लिए उपयोग किए जाने की स्थिति में) सुनिश्चित करेगी कि निर्णय पानी एवं पर्यावरण के स्थायित्व की महत्ता व संसाधनों के विवेकपूर्ण इस्तेमाल को ध्यान में रखकर लिए जाए। किसानों के लिए बेसिक फोन पर आसान भाषा में जानकारी के साथ उपलब्ध ऐप, फैसले लेने की प्रक्रिया के दौरान समावेशिता को भी बढ़ाएगा।”

आत्मनिर्भर कृषि ऐप को किसानों को कृषि संबंधित बारीक से बारीक जानकारी उपलब्ध कराने और मौसम संबंधी जानकारी व अलर्ट सुविधा देने के लिए बनाया गया है। इसके जरिए किसानों को मिट्टी के प्रकार, मिट्टी की सेहत, नमी, मौसम और पानी उपलब्धता से संबंधित आंकड़ों को एकत्र किया गया है। और कृषि-जोत स्तर पर प्रत्येक किसान के लिए फसल चयन, उर्वरक आवश्यकताओं और पानी की जरूरत संबंधित जानकारियों का विश्लेषण भी ऐप पर किया गया है।

ऐप की परिकल्पना 5 चरणों में की गई :

1. आंकड़ों का एकत्रीकरण

2. केंद्रीकृत दृष्टिकोण का निर्माण

3. स्थानीय विशेषज्ञता (केवीके) समर्थित संवाद और दृष्टिकोण को विकसित करना

4. मशीन लर्निंग इनफेरेनसेंस का लाभ उठाना

5. निरंतर सुधार

ऐप की मुख्य विशेषताएं:

1. भाषा को सरल बनाकर आंकड़ों को किसानों के लिए आसान बनाना है। ऐप 12 भाषाओं में उपलब्ध है।

2. ऐप के एंड्रॉइड और विंडोज संस्करण गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध हैं और किसान, स्टार्ट-अप, केवीके, एसएचजी या एनजीओ इसका निःशुल्क इस्तेमाल कर सकेंगे।

3. देश के दूर-दराज के इलाकों में कनेक्टिविटी के मुद्दों को ध्यान में रखते हुए, ऐप को न्यूनतम बैंडविड्थ पर काम करने के लिए डिजाइन किया गया है।

4. ऐप किसान से किसी तरह की जानकारी एकत्रित नहीं करता है। यह जरूरी आंकड़े (आंकड़ा देखें) प्रदान करने के लिए खेत की भौगोलिक स्थिति पर निर्भर है। किसी स्थान से संबंधित आंकड़े उस क्षेत्र का पिनकोड दर्ज करके एकत्र किया जा सकेगा। आत्मनिर्भर कृषि ऐप कैसे काम करता है और उसके बारे में अधिक जानकारी के लिए इस वीडियो को देखें।

लेटेस्ट न्यूज़ अपडेट पाने के लिए –
नेक्स्ट इण्डिया टाइम्स समाचार ग्रुप YouTube से जुड़े
नेक्स्ट इण्डिया टाइम्स समाचार ग्रुप Facebook से जुड़े
नेक्स्ट इण्डिया टाइम्स समाचार ग्रुप Twitter से जुड़े
नेक्स्ट इण्डिया टाइम्स समाचार ग्रुप Instagram से जुड़े
नेक्स्ट इण्डिया टाइम्स समाचार ग्रुप Telegram से जुड़े
नेक्स्ट इण्डिया टाइम्स समाचार ग्रुप Whatsapp से जुड़े

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

20 − one =

Back to top button