आनंदीबेन पटेल ने बुंदेलखण्ड विश्वविद्यालय झाँसी के नैक हेतु प्रस्तुतिकरण की समीक्षा

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को राजभवन स्थित प्रज्ञाकक्ष में बुंदेलखण्ड विश्वविद्यालय झांसी के नैक हेतु प्रस्तुतिकरण की समीक्षा की। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 विनय मौर्य ने बैठक में राज्यपाल को जानकारी दी कि विश्वविद्यालय इससे पूर्व वर्ष 2004 में नैक का ”बी प्लस प्लस” ग्रेड, वर्ष 2011 में ”बी” ग्रेड तथा वर्ष 2017 में ”बी प्लस प्लस” ग्रेड प्राप्त कर चुका है और अब चैथी बार मूल्यांकन के लिए अपनी “सेल्फ स्टडी रिपोर्ट” दाखिल करने की तैयारी कर रहा है।

लखनऊ (आरएनएस)

राज्यपाल ने समीक्षा क्रम में विश्वविद्यालय द्वारा नैक मूल्यांकन की तैयारियों के लिए गठित कमेटी के सदस्यों से सभी सातों मूल्यांकन क्राइटेरिया पर बिंदुवार जानकारी ली। उन्होंनेे कुलपति के प्रस्तुतिकरण को विजन-मिशन से सम्बद्ध रखने को कहा। उन्होंने कहा कि चर्चा का प्रत्येक बिन्दु व्यापक विवरण से सुसम्बद्ध रहे, जिससे पियर टीम भ्रमण के दौरान सप्रमाण प्रस्तुतिकरण किया जा सके। उन्होंने हाइपर लिंक्स से सम्बद्ध सभी फोटोग्राफ्स को विवरणात्मक कैप्शन से संयुक्त करने का निर्देश दिया।
चर्चा के क्रम में राज्यपाल ने कहा कि प्रोफेशनल कोर्सेज के रोजगार प्राप्त विद्यार्थियों की संख्या का उल्लेख भी प्रस्तुतिकरण में जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट, जिनमें खाद्य सामग्री-व्यंजन आदि का निर्माण हो रहा है, उसमें निर्मित खाद्य पदार्थों को ग्रामीण क्षेत्रों के कुपोषित बच्चों में वितरित करने की व्यवस्था बनाई जाए। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की प्रत्येक गतिविधि में विद्यार्थियों की प्रतिभागिता सुनिश्चित करने और उनकी सक्रीय भागीदारी प्रदर्शित करने वाले फोटोग्राफ ही प्रस्तुतिकरण से सम्बद्ध करने को कहा। उन्होंने विश्वविद्यालय की एक्सटेंशन गतिविधियों के प्रस्तुतिकरण को भी सुदृढ़ करने का निर्देश दिया।
विश्वविद्यालय द्वारा झांसी सहित निकटतम पांच जनपदों में भूजल परीक्षण पर किए गए विशेष और उल्लेखनीय कार्य को राज्यपाल ने सुदृढ़ और विस्तृत लेख के साथ प्रस्तुतिकरण में दर्शाने को कहा। क्राइटेरिया 6 और 7 के प्रस्तुतिकरण पर राज्यपाल ने असंतोष व्यक्त करते हुए पुनर्लेखन का निर्देश दिया तथा क्राइटेरिया 5 में आवश्यक सुधारों के लिए पुनरावलोकन की आवश्यकता बताई। विश्वविद्यालय द्वारा विकसित भूजन-रिसर्च एप को उन्होंने जनोपयोगी बनाने की दृष्टि से व्यावसायिक प्रयोग का सुझाव दिया। राज्यपाल ने क्राइटेरिया 6 में टीम सदस्यों को बढ़ाये जाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
राज्यपाल जी ने विश्वविद्यालय द्वारा गांवों में की गई सामाजिक गतिविविधयों के प्रस्तुतिकरण में अंकन, म्यूजियम में भ्रमण करने वालों की संख्या का रिकार्ड व्यवस्थित करने, स्कूली बच्चों को म्यूजियम में भ्रमण कराने, प्रस्तुतिकरण के विशेष बिन्दुओं की विवरणात्मक पुस्तिकाएं भी तैयार करने जैसे बिन्दुओं पर भी चर्चा करते हुए सशक्त तैयारी के निर्देश दिए। उन्होंने कहा सभी सुझावों और निर्देशों के अनुसार सुधार करके ही एसएसआर दाखिल किया जाए। बैठक में राज्यपाल ने विश्वविद्यालय द्वारा सम्पादित 75 व्यंजन की विधि वर्णन वाली पत्रिका ‘बुंदेली-व्यंजन‘ तथा हाल ही से प्रकाशित की जा रही मासिक पत्रिका ‘संचारिका‘ का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर बैठक में प्रमुख सचिव राज्यपाल कल्पना अवस्थी, विशेष कार्याधिकारी शिक्षा, विश्वविद्यालय द्वारा नैक तैयारी के लिए गठित टीम के सदस्य तथा अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित रहेे।

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