अग्रोहा टीला भी ऐतिहासिक, राखीगढ़ी की तर्ज पर हो खुदाई: बंसलपुरातत्व विभाग से खुदाई कार्य शुरू करवाने की मांग को लेकर जिला उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन

 पौराणिक व पुरातात्विक दृष्टि से महत्वपूर्ण राखीगढ़ी भी महाराज अग्रसेन द्वारा स्थापित अग्रोहा गणराज्य का अटूट हिस्सा था। इसलिए जिस प्रकार पुरातत्व विभाग द्वारा राखीगढ़ी के टीले की खुदाई की जा रही है, उसी तर्ज पर प्राचीन अग्रोहा टीले की भी खुदाई की जाए। यह मांग उठाते हुए अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन सभा ने वीरवार को जिला उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा और प्रदेश सरकार से मांग की कि प्राचीन अग्रोहा टीले की खुदाई का कार्य भी जल्द शुरू करवाया जाए। अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन सभा के जिलाध्यक्ष नीरज बंसल ने बताया कि 5100 वर्ष पूर्व महाराजा अग्रसेन जी ने अग्रोहा गणराज्य स्थापित किया था।

सरस्वती नदी और यमुना नदी के बीच में बसा यह क्षेत्र करीब 500 किलोमीटर तक फैला था। राखीगढ़ी का क्षेत्र भी इसी अग्र गणराज्य का हिस्सा था। जिस तरह से राखीगढ़ी की खुदाई में इंटें, बर्तन और मूर्तियां मिली है, इसी तरह की चीजें कुछ वर्ष पूर्व अग्रोहा टीले की खुदाई में भी मिली थी। उन्होंने बताया कि अग्र भागवत गं्रथ अन्य कई महत्वपूर्ण धर्मग्रंथों में यह प्रमाणित होता है कि राखीगढ़ी भी अग्र गणराज्य का हिस्सा है। बंसल ने कहा कि अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन सभा कई बार प्राचीन अग्रोहा टीले की खुदाई की मांग उठा चुका है। उन्होंने बताया कि इस टीले में महाराजा अग्रसेन जी एवं महाभारत कालखंड से संबंधित बहुत बड़ा इतिहास छुपा है। इसलिए अग्रोहा टीले की खुदाई भी राखीगढ़ की तर्ज पर की जानी चाहिए। इस अवसर पर पविकांत, राजकमल चमडिय़ा, सुभाष तलवाडिय़ा, अरविंद बंसल, विनय बंसल सहित कई सदस्य उपस्थित थे।

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