करियर में सफलता पाने के लिए अपनाएं ये आसान से तरीके

जीवन में कामयाब होने के लिए कई प्रकार की चीजें करनी पड़ती हैं मगर इसके साथ-साथ मनुष्य में कई अच्छी बातों का होना भी आवश्यक है। यहीं अंदाज आपको कामयाबी की ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सक्षम होते हैं। व्यक्तियों में बाहुबली का काफी क्रेज है मगर क्या आपको पता है कि बाहुबली के एक योद्धा के रूप में कामयाब होने के पीछे क्या कारण रहा। आइए हम आपको बताते हैं बाहुबली के उन बातों के बारे में जिन्हें अपनाकर आप भी कामयाब हो सकते हैं।

पांच मुख्य बातेंः- 

वचनबद्धः-  
हम एवं आप अपनी जिंदगी में कई निर्णय लेते हैं, कई प्रकार के वचन देते हैं मगर आहिस्ता-आहिस्ता ये चीजें हम भूलते चले जाते हैं जिसका हमारे सोचने समझने की शक्ति पर गहरा प्रभाव पड़ता है जिससे मुश्किल समय पर हम सही निर्णय नहीं ले पाते हैं। इसीलिए हमें अपने निर्णयों पर ऐतबार रखना चाहिए, उन पर अमल करना चाहिए। बाहुबली केवल अपने बाहुबल से ही बाहुबली नहीं था बल्कि अपनी वचनबद्धता के कारण बाहुबली था। ऐसा आज से नहीं रामायण काल से बोला जाता रहा है कि ‘प्राण जाए पर वचन न जाए’।  
 मेहनतः- 
यदि हम बाहुबली-1 की बात करें तो एक लड़का जो बार-बार एक झरने को पार कर पहाड़ी के उस पार जाना चाहता है। उसे उस पार के संसार को देखने की जिद्द होती है। वो प्रतिदिन प्रयास करता है, रोजाना गिरता है फिर उठता है तथा चल पड़ता है फिर से अपनी मंजिल की तरफ मगर कामयाबी से पहले न ही हार मानता है और न ही रुकता है। वही बाहुबली अपनी मेहनत से विजय हासिल करता है। मेहनत के बल पर कोई भी विजय प्राप्त कर सकता है। विवेकानंद ने भी बताया था, “उठो जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए।” 

फोकसः- 
यदि बाहुबली का फोकस पहाड़ के पश्चात् के जगत को देखने पर नहीं होता तो वो शायद किसी बीच की चोटी पर ही रुक जाता तथा शायद उसे माहिष्मति के संसार का कुछ पता ही नहीं चलता। इसीलिए बेहतर है कि फोकस बना रहे तथा यही फोकस आपको आपके लक्ष्य तक पहुंचाने में सहायता करेगा।

साहसः- 
इसके पश्चात् यदि बाहुबली में हिम्मत नहीं होती तो क्या वो माहिष्मती के विश्व में घुसने की हिम्मत करता। क्या एक छोटी सेना की टुकड़ी के सहारे वो उस विशाल शत्रु सेना से लड़ने की हिम्मत कर पाता? नहीं। तो कामयाब होने के लिए साहस का होना भी आवश्यक है। 

तैयारीः- 
बेहतर तैयारी के बिना आप जीवन में कभी कुछ नहीं कर सकते। आप कितने भी साहसी हों, कितने भी वचनबद्ध हों मगर तैयारी नहीं हो तो आपकी हार निश्चित है। इस पराजय से बचने के लिए एक बेहतर तैयारी की आवश्यकता होती है वो भी सही वक़्त रहते। याद कीजिए बाहुबली का वो सीन जब वो शत्रु सेना से लड़ने की तैयारी कर रहा होता है तथा यह सुनिश्चित किया जाता है कि कम से कम हानि के साथ युद्ध को कैसे जीता जाए।

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