पाकिस्तान के परमाणु बम के जनक अब्दुल कादिर खान का निधन

दुनियाभर में परमाणु तकनीक की तस्करी को लेकर कुख्यात रहे पाकिस्तानी परमाणु बम के जनक डॉ. अब्दुल कादिर खान का रविवार को निधन हो गया। उन्होंने 85 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। कोरोना होने के बाद अब्दुल कादिर खान पिछले दिनों जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बीच में वे स्वस्थ भी हुए थे लेकिन कुछ दिन पहले वे फिर बीमार हो गए और आज उनकी मौत हो गई।

देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है
भोपाल (भारत) में जन्मे अब्दुल कदिर खान को पाकिस्तानी परमाणु बम विस्फोट करने के बाद देश का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार दिया गया था। पाकिस्तान में डॉ. कादिर खान को पाकिस्तान में ‘मोहसिन-ए-पाकिस्तान’ यानी पाकिस्तान का रक्षक भी कहा जाता था।

इमरान खान ने बीमारी के दौरान नहीं ली थी सुध
अब्दुल कादिर खान ने अस्पताल में भर्ती होने के दौरान आरोप लगाया था कि देश की इतनी सेवा करने के बाद न तो प्रधानमंत्री इमरान खान और न ही उनकी कैबिनेट के किसी सदस्य ने उनका हालचाल लिया। अब्दुल कादिर ने समाचार चैनल डॉन को दिए इंटरव्यू में कहा था कि मैं इस बात से बेहद दुखी हूं कि न तो प्रधानमंत्री और न ही उनकी कैबिनेट के सदस्यों ने मेरे स्वास्थ्य के बारे में हालचाल लिया।

सरकार ने पद से हटा दिया था
पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम के जनक कहे जाने वाले कादिर खान को परमाणु प्रसार की बात स्वीकार करने के बाद पद से हटा दिया गया था। पद से हटाने के बाद से खान को भारी सुरक्षा के बीच इस्लामाबाद एक इलाके में रखा गया था। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि उन्हें सुरक्षा कारणों से इस तरह से रखा गया है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1 × 3 =

Back to top button