आजादी के 75 वर्ष बाद भी आशाएं गुलामी जैसा जीवन जी रहीं हैं-कमला 

उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन के राज्यव्यापी आवाहन पर उपजिलाधिकारी कार्यालय बीकेटी पर प्रर्दशन करके मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सम्बोधित 11 सूत्रीय मांग पत्र उपजिलाधिकारी बीकेटी गोविन्द मौर्या को सौंपा। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत सोमवार को उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन की जिला अध्यक्ष कमला गौतम के नेतृत्व में करीब डेढ़ दर्जन आशाओं ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र इन्दौराबाग से मार्च शुरू किया। मार्च में नारे लग रहे थे। “आशाओं को कर्मचारी घोषित कर उनकी 21 हजार रुपए न्यूनतम मजदूरी घोषित करो।” आशाओं के ऊपर दमन करना बन्द करो, कोरोनाकाल की सभी देनदारियों का भुगतान करो, काम के घंटे आठ करो आदि नारे लगाते हुए उपजिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचे।

लखनऊ (आरएनएस)

जहां सभा को सम्बोधित करते हुए यूनियन की अध्यक्ष कमला गौतम ने कहा कि आजादी के 75 वर्ष बाद भी आशाएं गुलामी जैसा जीवन जी रहीं हैं। चौबीस घंटे काम करने के बावजूद उनका आये दिन उत्पीड़न किया जाता है। जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आन्दोलन के दम पर सरकार को सभी आशाओं को कर्मचारी का दर्जा देना ही होगा। कमला गौतम ने हमीरपुर की आशा सावित्री के ऊपर वहां की महिला चिकित्सा अधीक्षक द्वारा किए गए उत्पीड़न की उच्च स्तरीय जांच करवाकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी दण्डात्मक कार्रवाई करने की मांग रखी। प्रर्दशन में आशा उमा सिंह,अर्चना सिंह,

कान्ती देवी, सुशीला,मंजू ,चिन्ता,संगीता देवी ,सोभा ,सुमन, रजिया, नीलम आदि मौजूद रही। इस मौके पर ज्ञापन में दी गई मांगों में फरवरी महीने से लेकर अब तक किए गए सभी कार्यों की सभी देनदारियों का तत्काल भुगतान कराया जाए। कोविड काल में प्रोत्साहन राशि 12000 का भुगतान भी तत्काल कराया जाए। कार्य के दौरान दुर्घटना से घायल आशाओं को मुफ्त चिकित्सा, चिकित्सा अवधि के दौरान का भुगतान सुनिश्चित कराया जाए तथा मृतक आशाओं के आश्रितों को बीस लाख रुपए मुआवजा अनुमन्य किया जाए।, 45वें एवं 46 वें श्रम सम्मेलन की शिफारिशों के अनुरूप आशा व आशा संगनी को न्यूनतम वेतन की गारंटी दी जाए।, हमीरपुर जिले की आशा सावित्री देवी के ऊपर वहां की सीएमएस फौजिया अंजुम के द्वारा किए गए उत्पीड़न के विरुद्ध कड़ी दण्डात्मक कार्रवाई की जाए।कार्यस्थल पर होने वाले लैंगिक उत्पीडन के खिलाफ जेण्डर सेल का निर्माण किया जाए।उनका दस लाख का स्वास्थ्य बीमा व पचास लाख का जीवन बीमा दिया जाए। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लिए आवंटित धन की पूरे प्रदेश में हो रही लूट की जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच कमेटी बनाई जाए और इन घोटालों के जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

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