केंद्र सरकार ने सरकारी हवाई यात्रा के लिए तय किए तीन अधिकृत ट्रैवल एजेंट

वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि जिन हवाई यात्राओं का खर्च सरकार वहन करती है, उन सभी के लिए तीन एजेंटों- बामर लॉरी, अशोक ट्रैवल्स एंड टूर्स और आईआरसीटीसी में से ही किसी एक से टिकट खरीदे जाएंगे। एक कार्यालय ज्ञापन में वित्त मंत्रालय के तहत व्यय विभाग ने कहा कि एयर इंडिया के विनिवेश को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इसमें कहा गया, “हवाई यात्रा के सभी मामलों में जहां भारत सरकार हवाई मार्ग की लागत वहन करती है, हवाई टिकट तीन अधिकृत ट्रैवल एजेंटों- बामर लॉरी एंड कंपनी लिमिटेड (बीएलसीएल), अशोक ट्रैवल्स एंड टूर्स (एटीटी), भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन लिमिटेड (IRCTC) से खरीदे जाएंगे।

व्यय विभाग ने कहा कि टिकट की बुकिंग के लिए ट्रैवल एजेंट का चुनाव प्रदान की गई सेवा की गुणवत्ता, अतिरिक्त सुविधाओं पर निर्भर करेगा, जैसे कि अतिरिक्त सामान, कैंसिलेशन और रीशेड्यूलिंगकी सुविधा। तीन अधिकृत एजेंटों के प्रशासनिक मंत्रालय यह भी सुनिश्चित करेंगे कि सभी तीनों एजेंसियां अपने समर्पित कर्मचारियों के माध्यम से सुविधाएं प्रदान करने के अलावा अपनी वेबसाइट पर विशेष रूप से केंद्र सरकार के उन कर्मचारियों के लिए आवेदन के माध्यम से सीधे टिकट बुक करने का विकल्प प्रदान करें, जो देश के ऐसे इलाकों में पोस्टेड हैं, जहां अधिकृत ट्रैवल एजेंटों की सेवाएं आसानी से उपलब्ध नहीं हैं।

व्यय विभाग ने 2009 के एक आदेश में कहा था कि एलटीसी सहित हवाई यात्रा (घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों) के मामलों में जहां भारत सरकार हवाई मार्ग की लागत वहन करती है, अधिकारी केवल एयर इंडिया से यात्रा कर सकते हैं। लेकिन, एयर इंडिया को टाटा समूह को 18,000 करोड़ रुपये में बेचने के अपने फैसले के बाद सरकार ने अक्टूबर में मंत्रालयों और विभागों को कर्ज में डूबे एयर इंडिया का बकाया तुरंत चुकाने और अब से केवल नकद में टिकट खरीदने के लिए कहा था।

सरकार अगले महीने तक एयर इंडिया की बिक्री प्रक्रिया को पूरा करना चाहती है। यह टाटा समूह के पास जाएगी। ऐसे में अब वित्त मंत्रालय ने सरकारी खर्च पर होने वाली हवाई यात्राओं के लिए नए एजेंटों को अधिकृत किया है।

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