॥29 साल के बाद ऐसा शुभ संयोग॥ रक्षा बंधन का शुभ मुहूर्त॥

रक्षा बंधन के पर्व की दस्तक

इस कोरोना महामारी की वजह से बजारो में काफी सन्नाटा है, मगर फिर भी लोगो में काफी उत्साह है लोग ऑनलाइन खरीददारी को ज्यादा तरहीज दे रहे है, खैर सारे तीज त्योहार एक तरफ और रक्षा बंधन के त्योहार की दस्तक एक तरफ। ये भाई बहन के प्रेम का प्रतीक माना जाता है। समय बदल रहा है समाज की सोच भी बदल रही है, जिनके भाई नहीं है वहाँ बहन अपनी बहन को राखी बांध कर त्योहार मना रही है, और जहाँ बहन नहीं है वहाँ भाई−भाई को राखी बांधकर त्योहार मना रहा है क्योकी ज़रूरी नहीं भाई ही बहन की रक्षा करे, बहन भी बहन की कर सकती है और भाई भाई की, बस बात सिर्फ नजरिए की है।

यह त्योहार तीन अगस्त को मनाया जाएगा, बजारों मे रौनक तो बहुत है, लोगो का आना जाना भी काफी है, मगर लोग लापरवाही ना कर बैठे। वह ये ना भूले की मास्क लगाना है और सोशल डिस्टेन्सिंग बनाए रखना है।

रक्षा बंधन के अटूट रिश्ते का इतिहास

धार्मिक मान्यता के अनुसार माना जाता है कि जब शिशुपाल राजा का वध करते समय श्री कृष्ण के बाए हाथ से खून बहने लगा तब द्रौपदी ने अपनी साड़ी का पल्लू फाड़कर उनके हाथ की उंगली में बांध दिया तभी से श्री कृष्ण ने द्रौपदी को अपनी बहन मानने लगे फिर जब कुछ सालो बाद जब पाँचो पांडवो ने द्रौपदी को जुए मे हरा दिया और भरी सभा में जब दुश्मन द्रौपदी का चिरहरण करने लगे तब श्री कृष्ण ने भाई का फर्ज निभाते हुए उसकी लाज बचाई थी।

29 साल के बाद ऐसा शुभ संयोग

इस साल सावन के आखिरी सोमवार, 3 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार पड़ रहा है। ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि इस बार रक्षाबंधन बेहद खास होगा क्योंकि इस साल रक्षाबंधन पर सर्वार्थ सिद्धि और दीर्घायु आयुष्मान का शुभ संयोग बन रहा है। रक्षा बंधन पर ऐसा शुभ संयोग 29 साल बाद आया है। साथ ही इस साल भद्रा और ग्रहण का साया भी रक्षा बंधन पर नहीं पड़ रहा है।

रक्षा बंधन का शुभ मुहूर्त

राखी बांधने का मुहूर्त- 09:27:30 से 21:11:21 तक

रक्षा बंधन अपराह्न मुहूर्त- 13:45:16 से 16:23:16 तक

लेखिका−कु0वर्तिका अराेरा

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