सहपानी फर्जी एनकाउंटर में राज्य सरकार पर सात लाख का अंतरिम जुर्माना

सिकंदराबाद क्षेत्र स्थित एनएच-91 पर 19 वर्ष पूर्व हुए फर्जी एनकाउंटर के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार पर सात लाख रुपये का अंतरिम जुर्माना लगाया है। 20 अक्टूबर तक जुर्माना देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। सिकंदराबाद पुलिस ने तत्कालीन कोतवाली निरीक्षक रणधीर सिंह की गिफ्तारी को चार टीम गठित कर अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी गई है।

एनकाउंटर में मारे गए बीटेक के छात्र प्रदीप कुमार के पिता यशपाल सिंह ने बताया कि एक माह पूर्व सुप्रीम कोर्ट ने यशपाल सिंह बनाम उत्तर प्रदेश सरकार के मामले में 30 सितंबर को सुनवाई करते हुए राज्य सरकार की लापरवाही पर सात लाख रुपये का अंतरिम जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही 20 अक्टूबर को अगली सुनवाई होगी।

यह था घटनाक्रम

तीन अगस्त 2002 की देर रात सिकंदराबाद क्षेत्र के गांव आढा मोड़ के निकट एक बस में लूटपाट कर रहे बदमाशों को पुलिस ने ललकारा। बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की। तत्कालीन कोतवाल रणधीर सिंह ने हमराही पुलिसकर्मी कांस्टेबल जितेंद्र सिंह, मनोज, श्रीपाल जीप चालक , सतेंद्र, संजीव कुमार, तोताराम और रघुराज के साथ बदमाशों पर फायरिंग की। इस दौरान तीन बदमाश बस में से निकलकर आढ़ा गांव की ओर भागने लगे। इस दौरान फायरिंग में गांव सहपानी निवासी बीटैक के छात्र प्रदीप कुमार पुत्र यशपाल की गोली लगने से मौत हो गई थी। पुलिस ने प्रदीप कुमार को लुटेरा बताया था। पीड़ित यशपाल ने प्रभारी निरीक्षक सहित आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले की जांच सीबीसीआईडी को सौंपी गई थी। आरोपित पुलिसकर्मियों में से कुछ ने खुद को कोर्ट में सिरेंडर कर दिया था और दो को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।सीओ के पक्ष में झूठ बोलती रही पुलिस

पीड़ित यशपाल सिंह ने बताया कि रणधीर सिंह को मुरादाबाद नगर का सीओ बनाया गया। यहीं से ही रणधीर सिंह को 2019 में सेवानिवृति दी गई। मामले में मुरादाबाद पुलिस ने सीजीएम कोर्ट में आरोपित सीओ का वेतन रोकने हल्फनामा दिया। मूल रूप से आगरा और हाल पता 44, अवंतिका कविनगर, गाजियाबाद में भी सिकंदराबाद पुलिस ने कुर्की की कार्रवाई कर चुकी है लेकिन अभी तक रणधीर सिंह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े हैं।इन्होंने कहा…

सुप्रीम कोर्ट द्वारा सात लाख रुपये का अंतरिम जुर्माना लगाने के निर्देश संज्ञान में हैं। आरोपित सीओ रणधीर सिंह की गिरफ्तारी के लिए चार टीम गठित की गई हैं। नियत तिथि तक गिरफ्तार कर आरोपित को जेल भेज दिया जाएगा।

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