यहां जानें आधार संख्‍या से कौन से लाभ उठा सकते हैं पेंशनर्स..

आधार संख्‍या भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा जारी किया गया 12 अंकों का एक रैंडम नंबर है, जो निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया को पूरा करने के बाद नागरिकों को जारी की जाती है। यूआईडीएआई की वेबसाइट (UIDAI website) के अनुसार, पहचान दस्तावेज के रूप में आधार लाभार्थियों को उनकी पहचान साबित करने के लिए कई दस्तावेजों को प्रस्तुत करने की जरूरत को समाप्त करके सुविधाजनक तरीके से उनको उनके अधिकार दिलाने में सक्षम बनाता है।

पेंशनर्स के लिए बेहद मददगार 

आधार संख्‍या पेंशनर्स के लिए भी बेहद लाभकारी है। हाल ही में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (Ministry of Electronics & IT) ने ट्वीट कर बताया कि आधार कार्ड ने सुनिश्चित किया है कि पीएफ और पेंशन सीधे पेंशनभोगी के खाते में जाए। आधार कार्ड की मदद से लाभार्थियों को बैंक जाने और अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की परेशानी के बिना उनकी पेंशन मिलती रहती है।

पीएफ पाने में भी मददगार

कर्मचारी अपने भविष्य निधि (EPF) खाते को आधार से जोड़कर दावों के निपटान की प्रक्रिया को तेज कर सकता है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (Employees Provident Fund, EPF) ने इस दिशा में कई कदम उठाए हैं। ईपीएफओ पोर्टल के अनुसार, यदि आप ऑनलाइन ईपीएफ दावा जमा करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको अनिवार्य रूप से अपने यूएएन (UAN) को आधार संख्‍या से लिंक करना होगा।

समय पर भुगतान का विकल्‍प

आधार संख्‍या को पेंशन खाते से जोड़ने से सरकारी अधिकारियों के लिए आपके सभी विवरणों को सत्यापित करना आसान हो जाएगा। आपके आधार को पेंशन खाते से ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से जोड़ा जा सकता है।

लाइफ सर्टिफ‍िकेट हासिल करने में मददगार

हर साल पेंशन-धारकों को पेंशन की रकम उठाने के लिए लाइफ सर्टिफ‍िकेट जमा करना जरूरी होता है। आधार आधारित जीवन प्रमाण सेवा (Jeevan Praman service) अब डिजिटल लाइफ सर्टिफ‍िकेट (digital life certificate, DLC) ऑनलाइन जमा करना संभव बनाती है। यह राज्य या केंद्र सरकार के पेंशनभोगियों के लिए एक डिजिटल सेवा है जो बायोमेट्रिक पहचान का प्‍लेटफार्म उपलब्‍ध कराती है। 

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