माता के जयकारों से गूंजा सोनभद्र का पिपरी मेंमां वनदेवी मन्दिर

बीते वर्ष की भांति इस वर्ष भी रावण दहन के आयोजन पर पाबंदी लगाई गई है। गौरतलब है कि परियोजनाओं में रावण दहन का आयोजन किया जाता रहा है। जिसमें हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहते हैं नवरात्र की महाअष्टमी तिथि पर माँ दुर्गा के पंडालों से लेकर घरों तक में कन्या पूजन हुआ। 

सोनभद्र जिले के शहरी इलाकों सहित ग्रामीण अंचलो में इस समय शारदीय नवरात्र पूजन की धूम है। जिले में जगह-जगह माँ दुर्गा की भव्य मूर्तियों की स्थापना कर पंड़ालों में पूजा अर्चना हो रही है।

वहीं ग्रामीण अंचल भी इससे अछूते नहीं हैं, इन इलाकों में भी माँ दुर्गा की आराधना पूरे जोर-शोर से हो रही है। नौ दिनों तक चलने वाले इस त्यौहार की रौनक ऐसी है कि देखते ही बनती है। महीनों से कारीगरों द्वारा भव्य मूर्तियां तथा पंडालों का निर्माण किया गया था। जगह-जगह बने पंडालों में आकर्षक लाइटिंग लोगों को मंत्रमुग्ध कर रही हैं। आज दुर्गामहाअष्टमी पर पंडालों से लेकर घरों तक में कन्या पूजन का कार्यक्रम हुआ जिसमें कुंवारी कन्याओं का विधि विधान से पूजन अर्चन कर उन्हें भोजन कराया गया। महानवमी के दिन गुरूवार को जगह-जगह भंडारे का आयोजन किया गया है।

बीते वर्ष की भांति इस वर्ष भी रावण दहन के आयोजन पर पाबंदी लगाई गई है। गौरतलब है कि परियोजनाओं में रावण दहन का आयोजन किया जाता रहा है। जिसमें हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहते हैं नवरात्र की महाअष्टमी तिथि पर माँ दुर्गा के पंडालों से लेकर घरों तक में कन्या पूजन हुआ। 

इस दौरान कुंआरी कन्याओं का विधि-विधान से पूजन किया गया तथा उन्हें भोजन कराया गया।  नवरात्रि की नवमी तिथि पर अधिकांश पंडालों में भव्य भंडारे का आयोजन किया गया है। कोरोना महामारी को दृष्टिगत रखते हुये आयोजित किये गये भंडारे में भी कोविड नियमों का पालन करना एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में अधिकांश भंडारों में लोगों को पार्सल ही देने की व्यवस्था बनायी गयी है।

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