भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में 27वें ‘हुनर हाट’ का उद्घाटन

देशभर के कारीगरों और शिल्‍पकारों के स्‍वदेशी उत्‍पादों के 27वें ‘हुनर हाट’ का उद्घाटन आज केन्‍द्रीय अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्री मुख्‍तार अब्‍बास नकवी की उपस्थिति में भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में मध्‍य प्रदेश के मुख्‍यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा किया गया।  

मध्‍य प्रदेश के चिकित्‍सा शिक्षा मंत्री विश्‍वास सारंग; सूक्ष्‍म, लघु एवं मझौले उद्यम, विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी मंत्री ओम प्रकाश सखलेचा विशिष्‍ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर केन्‍द्रीय अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्रालय के सचिव पीके दास तथा अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारी; राज्‍य सरकार के वरिष्‍ठ अधिकारी तथा अन्‍य गणमान्‍य व्‍यक्ति भी उपस्थित थे।

 इस अवसर पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि ‘हुनर (कौशल) इबादत है।‘ भोपाल भी ‘हुनर’ का एक शहर है और यह प्रतिभा को महत्‍व देता है। सभी धर्मों के एवं समाज के सभी वर्गों के कारीगर तथा शिल्‍पकार ‘हुनर हाट’ में भाग लेते हैं।

चौहान ने कहा कि नकवी ने ‘वोकल फॉर लोकल’ के प्रति प्रतिबद्धता को एक जमीनी हकीकत बना दिया है। ‘हुनर हाट’ ने कारीगरों, शिल्‍पकारों के स्‍वदेशी उत्‍पादों की बिक्री में उल्‍लेखनीय वृद्धि कर दी है। ‘हुनर हाट’ कारीगरों तथा शिल्‍पकारों का एक प्रभावी मंच है। मैं मध्‍य प्रदेश के लोगों से भारत की कला एवं संस्‍कृति की झलक देखने के लिए ‘हुनर हाट’ का अवलोकन करने की अपील करता हूं।

चौहान ने कहा कि कारीगरों एवं शिल्‍पकारों ने कोरोना महामारी के दौरान भी अपना कार्य जारी रखा। पूरे देश की प्रतिभा ‘हुनर हाट’ में एक स्‍थान पर एकत्रित होती है। ‘हुनर हाट’ ‘आत्‍मनिर्भर भारत’ तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ का एक भरोसेमंद ब्रांड है। मध्‍य प्रदेश सरकार अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्रालय के साथ मिलकर कारीगरों तथा शिल्‍पकारों की स्‍वदेशी विरासत के संवर्धन की दिशा में कार्य करेगी।

चौहान ने मध्‍य प्रदेश में अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही विभिन्‍न विकास परियोजनाओं के लिए नकवी की सराहना की। उन्‍होंने कारीगरों तथा शिल्‍पकारों के स्‍टॉलों का अवलोकन किया तथा उनके स्‍वदेशी रूप से हस्‍तनिर्मित उत्‍पादों को प्रोत्‍साहित किया।

अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्रालय 12 से 21 मार्च 2021 तक ‘वोकल फॉर लोकल’ थीम के साथ भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में 27वें ‘हुनर हाट’ का आयोजन कर रहा है। भोपाल के ‘हुनर हाट’ 31 राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों के 600 से अधिक कारीगर, शिल्‍पकार भाग ले रहे हैं।

आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, चंडीगढ, छत्‍तीसगढ, दिल्ली, गोवा गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्‍मू एवं कश्‍मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, मध्‍य प्रदेश, महाराष्‍ट्र, मणिपुर, मेघालय, नागालैंड, ओडिशा, पुदुचेरी, पंजाब, राजस्‍थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्‍तर प्रदेश, उत्‍तराखंड, पश्चिम बंगाल आदि के कारीगर बिक्री एवं प्रदर्शन के लिए दुर्लभ, उत्‍कृष्‍ट एवं भव्‍य स्‍वदेशी हस्‍तनिर्मित उत्‍पाद लेकर आए हैं।

 भोपाल में ‘हुनर हाट’ में अजरख प्रिंट, एप्लिक वर्क, आर्ट मेटल वेयर, आर्टिफिशियल ज्‍वैलरी, बाघ प्रिंट, बंधेज, ब्‍लैक पोटरी, ब्‍लॉक प्रिंट, जूट-बांस उत्‍पाद, पीतल के उत्‍पाद, चिकनकरी, खादी उत्‍पाद, चमड़े के उत्‍पाद, क्‍ले-वुडन-मेटल खिलौने, मार्बल उत्‍पाद, चंदन उत्‍पाद आदि उपलब्‍ध हैं। आगन्‍तुक देश के प्रत्‍येक क्षेत्र के पारंपरिक व्‍यंजनों का भी लुत्‍फ ले रहे हैं।

सुदेश भोंसले, नूरां सिस्टर्स, अल्ताफ राजा, शिबानी कश्‍यप, निजामी ब्रदर्स आदि जैसे विख्‍यात कलाकार अपने संगीतमय कार्यक्रमों से श्रोताओं को रोमांचित करेंगे। नकवी ने कहा कि ‘‘हुनर हाट’ कारीगरों एवं शिल्पकारों के लिए ‘रोजगार एवं सशक्तिकरण का एक मंच’ साबित हुआ है। ‘हुनर हाट’ ने अभी तक 5.5 लाख कारीगरों, शिल्‍पकारों तथा कलाकारों को रोजगार तथा रोजगार के अवसर उपलब्‍ध कराए हैं। अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्रालय 75 ‘हुनर हाट’ के जरिए 7.5 लाख कारीगरों एवं शिल्‍पकारों को रोजगार तथा रोजगार के अवसर उपलब्‍ध कराएगा, जिसका आयोजन देश की आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर किया जाएगा।

नकवी ने कहा कि ‘हुनर हाट’ वर्चुअल तथा ऑनलाइन प्‍लेटफॉर्म http://hunarhaat.org तथा जीईएम पोर्टल पर भी उपलब्‍ध है जहां देश और विदेश के लोग डिजिटल/ऑनलाइन तरीके से स्‍वदेशी कारीगरों तथा शिल्‍पकारों के उत्‍पाद खरीद सकते हैं।

अगले ‘हुनर हाट’ का आयोजन गोवा (26 मार्च से 04 अप्रैल); देहरादून (09 अप्रैल से 18 अप्रैल); सूरत (23 अप्रैल से 2 मई) में किया जाएगा। इसके अतिरिक्‍त, ‘हुनर हाट’ का आयोजन इस वर्ष कोटा; हैदराबाद; मुम्‍बई; जयपुर; पटना; प्रयागराज; रांची; गुवाहाटी; भुवनेश्‍वर; जम्‍मू–कश्‍मीर; आदि स्‍थानों पर भी किया जाएगा।

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