प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, और गृहमंत्री अमित शाह ने शिवाजी की जयंती पर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की।

फर्रुखाबाद जनपद में आयोजित कांग्रेस की किसान महापंचायत में पंहुचे पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद नें इशारों ही इशारों में भाजपा पर हमला बोल दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसान आंदोलन के साथ है लेकिन लाल किले की राष्ट्र प्रतिभा को कलंकित करने वालों के साथ कांग्रेस नही है। लेकिन यह बड़ा सबाल है कि अभी तक लाल किले के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही क्यों नही की जा रही है।

शहर के पांचाल घाट स्थित ग्राम सोताबहादुर में पंहुचे पूर्व विदेश मंत्री नें पहले सीएए पर कहा कि असम के लोगों को सीएए पर आपत्ति है। यह मत समझें वहां ध्रुवीकरण का सवाल नही है। असम के सीएए के विरोध को धार्मिक ध्रुवीकरण से ना जोड़ा जाए।

उन्होंने चीन के वापस जाने के सवाल पर कहा कि चाइना आया था जो वापस हो गया। वह बिना आये ही वापस चला गया यह ये बता दें की ये आगे गये थे जो वापस आ गये हैं कौन आगे गया था कौन पीछे गया यह वह बता दें। यदि अपने-अपने स्थान से दोनों पीछे हटे तो कौन पीछे हटा यह कौन आगे आया यह कौन बतायेगा।

डोनाल्ड ट्रंप को मंहगी पड़ी दोस्ती
सलमान खुर्शीद नें कहा की इस वर्ष 26 जनवरी को परेड में कोई मेंहमान नही आया। जो आ रहा था वह आ नही सका। अब अंतिम समय में किसी से कहेंगे तो कौन आयेगा। विदेशी नेताओं से बड़ी दोस्ती की गयी। जिसमें सबसे ज्यादा दोस्ती डोनल्ड ट्रंप से की गयी थी उन्हें दोस्ती महंगी पड़ी और उनकी कुर्सी भी चली गयी।

लाल किले की राष्ट्र प्रतिभा को धूमिल करने वालों पर सख्त कार्यवाही क्यों नही
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह से किसान आन्दोलन के साथ है लेकिन तमाशे के साथ नही। आंदोलन आंदोलन होता है और तमाशा तमाशा होता है। लाल किले का एक विशेष सम्मान है। वह राष्ट्र प्रतिभा का से जुड़ा है। उस प्रतिभा पर कोई प्रश्न चिन्ह लगाये उसे माफ नही किया किया जा सका। पुलिस के रहते उपद्रव किया गया। लाल किले पर झंडा लगाने का समर्थन किसने किया। सरकार इसका जबाब देगी, उन पर सख्त से सख्त कार्यवाही कब होगी इसकी मांग करते है।

देश में राष्ट्रवाद और देश भक्ति की परिभाषा बदलने का हो रहा दिखावा
देश में राष्ट्रवाद की परिभाषा और भगवान और देशभक्ति की परिभाषा नही बदलती। लेकिन कुछ लोग इसको बदलने का दिखावा कर रहे है। इस देश में हर धर्म का सम्मान है, कांग्रेस सभी को लेकर साथ चलती है। हमे हर धर्म का सम्मान करना है। देश का कोई व्यक्ति किसी दूसरे धर्म के स्थान पर जाता है उसे गलत नही किया जा सकता है। संगम में लाखों लोग डुबकी लेते है। यह डुबकी हजारों साल पुरानी है, यह वही संगम है वहां जबाहर लाल नेहरु नें डुबकी ली थी और उसी जगह पर प्रियंका गाँधी नें डुबकी ली तो गलत क्या है। उन्होंने कहा कि प्रियंका हमारे आंदोलन को लीड कर रहीं है। वह सीएम का चेहरा बाद में बनेगा। आज वह कांग्रेसियों का मार्ग दर्शन कर रहीं है।
बजट में निजीकरण पर गम्भीर चर्चा की जरूरत
पूर्व विदेश मंत्री नें कहा कि निजीकरण पर गम्भीर चर्चा की जरूरत है। हमने भी निजीकरण किया था, लेकिन निजीकरण अंधाधुंध नही किये। जिस क्षेत्र में सरकारी तन्त्र के माध्यम से कार्य करना आसान नही था वहां निजीकरण की बात की, सफल ईकाईयां है उनका निजीकरण नही होना चाहिए। यदि कोई चर्चा करने को तैयार है तो कोई तैयार हो।

पूर्व सांसद राकेश सचान नें कहा कि आंदोलन लम्बे समय तक चलेगा। कांग्रेस किसान आंदोलन के साथ है। पूरी तरह से उनके साथ खड़ी है, तीनों काले कानूनों के बारे में किसान अभी पूरी तरह से नही जाना है। उन्हें जानकारी देंनें के लिए कांग्रेस महापंचायत लगाकर किसानों को जागरूक करेगी।

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