टी 20 विश्व कप बड़े से बड़े बैटिंग ऑर्डर को तहस-नहस कर सकता है ये गेंदबाज

टी20 वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया के मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती घातक फॉर्म में चल रहे हैं. वरुण चक्रवर्ती ने IPL 2021 के 13 मैचों में 15 विकेट हासिल किए हैं. वरुण चक्रवर्ती किसी भी बैटिंग ऑर्डर को तहस-नहस कर सकते हैं. पाकिस्तान को अभी से ही इस भारतीय स्पिनर का डर सता रहा होगा.

टी20 वर्ल्ड कप में भारत को चैम्पियन बनाएगा ये स्पिनर

टी20 वर्ल्ड कप से पहले वरुण चक्रवर्ती की फॉर्म टीम इंडिया के लिए बड़ी खुशखबरी हैं. वरुण चक्रवर्ती टी20 वर्ल्ड कप में टीम इडिया के लिए अहम खिलाड़ी होंगे. मिस्ट्री स्पिनर वरुण दावा कर चुके हैं कि वह सात तरह से गेंद फेंक सकते हैं. इनमें ऑफब्रेक, लेगब्रेक,  गुगली, कैरम बॉल, फ्लिपर, टॉपस्पिन, पैर की उंगलियों पर यॉर्कर शामिल है. वरुण चक्रवर्ती को पहली बार टी20 वर्ल्ड कप खेलने का मौका मिला है. वरुण चक्रवर्ती टी-20 वर्ल्ड कप में विरोधी टीमों के लिए घातक साबित हो सकते हैं. टी-20 इंटरनेशनल मैचों में अब तक वरुण चक्रवर्ती ने 3 मैच में 2 विकेट चटकाए हैं. वहीं, 27 IPL मैचों में उनके नाम 33 विकेट हैं. 

सबसे बड़े मैच विनर हैं वरुण चक्रवर्ती

बता दें कि वरुण चक्रवर्ती के कारण कुलदीप यादव को टी20 वर्ल्ड कप की टीम में मौका नहीं मिला. इस बात से पता चलता है कि वरुण चक्रवर्ती कितने खास खिलाड़ी हैं. वरुण चक्रवर्ती तमिलनाडु से खेलने वाले स्पिनर गेंदबाज हैं. उनका जन्म 29 अगस्त 1991 को कर्नाटक के बिदर में एक मध्यम वर्गीय परिवार में हुआ. वरुण स्कूल में पढ़ाई करने के दौरान क्रिकेट भी खेला करते थे. उन्हें क्रिकेट में बहुत दिलचस्पी थी. 13 साल की उम्र में वो बतौर विकेटकीपर बल्लेबाज क्रिकेट खेलते थे. उन्होंने 17 साल की उम्र तक क्रिकेट खेली. लेकिन एज ग्रुप क्रिकेट में उन्हें कई बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा. उनके असफलता को देखते हुए परिवार ने उन्हें पढ़ाई पर ध्यान देने को कहा. परिवार का दबाव उन पर था. वरुण ने निराश होकर क्रिकेट में अपना करियर बनाने का सपना छोड़ दिया.

वरुण चक्रवर्ती के बड़े सपने 

फिर समय से पहले किसी को शायद ही कुछ मिलता हो. फिलहाल, क्रिकेट छोड़कर वरुण अपनी पढ़ाई पर फोकस करने लगे. उन्होंने चेन्नई के एसआरएम विश्वविद्यालय में अपना एडमिशन ले लिया. वो 5 साल तक आर्किटेक्चर की पढ़ाई की. पढ़ाई पूरी करने के बाद आर्किटेक्स सेक्टर में नौकरी करने लगे. सुबह 10 से 6 की नौकरी में उनका मन नहीं लगता था. अभी भी वरुण क्रिकेट को भुला नहीं पाए थे. क्रिकेट उनका पैशन था. इस बीच वो जब भी समय मिलता या वीकेंड पर टेनिस बॉल से क्रिकेट खेलते. क्रिकेटर बनने के अधूरे सपने उन्हें सोने नहीं देते थे.

फिर उनका सपना उनकी नौकरी पर भारी पड़ गया. वरुण चक्रवर्ती ने फिर से क्रिकेट के लिए नौकरी छोड़ दी. साल 2015 में उन्होंने क्रोमबेस्ट क्रिकेट अकादमी में दाखिला ले लिया. करीब सात साल के बाद वरुण ने वापसी की थी. अब उनकी उम्र 25 की हो चुकी थी. उनको बहुत अधिक मेहनत की जरूरत थी. अकादमी जॉइन करने के बाद वरुण बल्लेबाज़ के साथ तेज़ गेंदबाज के तौर पर अभ्यास करने लगे. बतौर तेज गेंदबाज ऑलराउंडर क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया. यहां एक बार फिर किस्मत रूठ गई. शुरुआत में ही उन्हें मैच के दौरान चोट लग गई. घुटने की चोट के चलते वरुण को एक बार फिर कई दिनों तक क्रिकेट से दूर रहना पड़ा.

वैरीएशन ने बनाया घातक बॉलर

चोट से उबरने के बाद वरुण स्पिन गेंदबाजी करने लगे. ट्रेनिंग के दौरान वरुण ने स्पिन गेंदबाजी में काफी वैरीएशन सीखी. वो प्रशिक्षण के दौरान टेनिस बॉल से गेंदबाजी पर खूब मेहनत करने लगे. इसी मेहनत के बूते वो टेनिस बॉल क्रिकेट के बेहतरीन स्पिनर बन गए. वरुण ने इस टैलेंट ने लेदर बॉल क्रिकेट में इस्तेमाल किया. वैसे तो उन्हें लेगब्रेक गुगली गेंदबाज के तौर पर जाना जाता है. लेकिन वो ऑफ ब्रेक, कैरम बॉल, टॉप स्पिन और स्लाइडर गेंदे आदि फेंकने में भी माहिर हैं. उनकी गेंदबाजी में इतने वैरीएशन देखने के बाद उन्हें मिस्ट्री बॉलर के नाम से पहचान मिली. मिस्ट्री बॉलर वरुण चक्रवर्ती अपनी गेंदबाजी वैरीएशन के चलते चेन्नई लीग सीजन चार (2017-18) में जुबली क्रिकेट क्लब से खेलने का मौका मिला. 

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