छत्तीसगढ़ पुलिस ने पेश की मिसाल, 13 ट्रांसजेंडरों को कांस्टेबल पद पर किया भर्ती, आत्मनिर्भर बन करेंगे देश की सेवा

छत्तीसगढ़ पुलिस ने देशभर के सामने एक मिसाल पेश की है। छत्तीसगढ़ सरकार की विशेष पहल पर राज्य में पहली बार तृतीय लिंग समुदाय के 13 उम्मीदवारों का चयन पहली बार पुलिस आरक्षक पद पर हुआ है।

छत्तीसगढ़ में तृतीय लिंग समुदाय से चयनित पुलिस आरक्षकों ने छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक से राज्य महिला आयोग कार्यालय में भेंट कर आरक्षक बनने पर उन्हें धन्यवाद दिया और आभार प्रकट किया। महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. नायक ने तृतीय लिंग समुदाय के सभी आरक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान में महिलाओं को अनेक अधिकार है। आज अनेक पदों में रहकर महिलाएं जागरूक बन रही है और अपने अधिकारों का उपयोग कर पा रही है। महिला आयोग के माध्यम से महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरुक किया जा रहा है।  जागरूक महिलाएं समाज को नई दिशा दे सकती है। ठीक ऐसे ही तृतीय लिंग समुदाय वर्षों से उपेक्षित और भेदभाव का शिकार है। संविधान के माध्यम से तृतीय लिंग समुदाय को  अधिकार मिला है। निश्चित ही तृतीय लिंग समुदाय अब नौकरी में आकर जागरूक बनेगा और आने वाले दिनों में समाज में अपनी पहचान स्थापित करेगा।

तृतीय लिंग को पुलिस में सेवा का अवसर

महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. नायक ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है,जहाँ तृतीय लिंग को पुलिस में सेवा का अवसर प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की विशेष पहल पर तृतीय लिंग को यह अवसर मिला है।  पुलिस की सेवा नागरिकों की सुरक्षा और सेवा से जुड़ी हुई है। इस सेवा में तृतीय लिंग समुदाय का चयन होने से वर्षों से तृतीय लिंग के लोगों के प्रति बनी गलत धारणा खत्म होगी। लोग सम्मान की दृष्टि से देखेंगे और आने वाले दिनों में तृतीय लिंग के लोगों को शासकीय सेवा में आने का रुझान बढ़ेगा। अध्यक्ष डॉ नायक ने उन्हें पूरी जिम्मेदारी के साथ पुलिस के रूप में आम नागरिकों के हित में कार्य करने की अपील की और समाज के लिए मिसाल बनने की प्रेरणा दी।

चयनित प्रतिभागियों ने क्या कहा? 

छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में चयनित प्रतिभागी कृषि तांडी ने बताया कि “मैं आज बहुत खुश हूँ। मेरे पास कोई शब्द ही नहीं है कि मैं इस खुशी को व्यक्त कर पाऊँ। मैं और मेरी सभी साथियों ने इस परीक्षा के लिए बहुत मेहनत किया। यह हमारे लिए ऐसा अवसर था जिससे हमारी जिंदगी बदल सकती थी इसलिए सबने दिन-रात मेहनत की थी।” धमतरी से चयनित होने वाली कोमल साहू कहती है “यह ऐसी खबर है जिस पर अभी भी भरोसा नहीं हो रहा है क्योंकि मैंने कभी नहीं सोचा था कि इज्जत और सम्मान की नौकरी मिलेगी।” 

दो उम्मीदवार अभी भी वेंटिंग लिस्ट में

उल्लेखनीय है कि रायपुर रेंज पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इस परीक्षा में तृतीय लिंग समुदाय के 13 उम्मीदवारों का पुलिस आरक्षक पद पर चयन हुआ है और दो उम्मीदवार वेंटिंग लिस्ट में हैं। रायपुर जिले से 8, धमतरी से एक, राजनांदगांव से 2, बिलासपुर से एक, कोरबा से एक, अंबिकापुर से एक तृतीय लिंग के परीक्षार्थी का चयन पुलिस आरक्षक हेतु किया गया है।

किन्नर समाज ने छत्तीसगढ़ सरकार को दिया धन्यवाद

किन्नर समाज व मितवा समिति ने छत्तीसगढ़ सरकार और गृह विभाग को धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने उन सभी लोगों का धन्यवाद दिया है। ट्रान्सजेंडर अधिकार कार्यकर्ता व मितवा समिति की अध्यक्ष विद्या राजपूत सहित रायपुर से दीपिका यादव, साहू, निशु क्षत्रिय, शिवन्या पटेल, नैना सोरी, सोनिया जंघेल, कृषि तांडी एवं सबुरी यादव, बिलासपुर से सुनील एवं रुचि यादव, धमतरी जिले से कोमल साहू, अंबिकापुर से अक्षरा, राजनांदगांव जिले से कामता, नेहा एवं डोली आदि ने डॉ. नायक से मुलाकात की।

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