चिकित्सकों ने ऐसे रोगियों को तंबाकू या इसके किसी भी उत्पाद का प्रयोग न करने की दी सलाह, पढ़े पूरी खबर

लगातार धूम्रपान और आनुवांशिक कारणों की वजह से प्रोस्टेट कैंसर के रोगियों की संख्या निरंतर बढ़ रही है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, रायपुर में प्रतिमाह औसतन 30 प्रोस्टेट कैंसर रोगी पहुंच रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या धूम्रपान करने वालों की है। चिकित्सकों ने ऐसे रोगियों को तंबाकू या इसके किसी भी उत्पाद का प्रयोग न करने और शीघ्र इलाज कराने की सलाह दी है जिससे इस पर समय रहते नियंत्रण पाया जा सके।

यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अमित शर्मा ने बताया कि भारत में प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में तीसरा सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है। यह मुख्यतः 50 वर्ष या अधिक उम्र के पुरुषों में होता है। विभाग में इसके औसतन 30 रोगी प्रतिमाह आ रहे हैं। इसका प्रमुख लक्षण मूत्र प्रवाह में अवरोध होना और हड्डियों में दर्द है। डॉ. शर्मा का कहना है कि लगातार तंबाकू या इसके उत्पादों का सेवन और आनुवांशिक कारणों से इस प्रकार के रोगी ज्यादा आ रहे हैं।

निदेशक प्रो. (डॉ.) नितिन एम. नागरकर ने कहा है कि रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब एम्स के यूरोलॉजी विभाग में यूरो-आंकोलॉजी का स्पेशल क्लीनिक प्रत्येक बुधवार को दोपहर 2.30 से 3.30 बजे आयोजित किया जाएगा। इस क्लीनिक में प्रोस्टेट कैंसर के साथ किडनी, यूरीनरी ब्लैडर, टेस्टिस और पेनिस कैंसर के रोगियों का भी इलाज संभव होगा।

विभाग वर्तमान में यूरोलॉजी संबंधी सभी प्रकार की बीमारियों के लिए प्रबंधन, इलाज, सर्जरी और फॉलोअप संबंधी सुविधाएं प्रदान कर रहा है। इसमें विभिन्न विभागों की सहायता से टीआरयूएस गाइडेड प्रोस्टेट बायोप्सी, ट्रांसपेरिनियल बायोप्सी, थ्री डी लेप्रोस्कोपिक रेडिकल प्रोस्टेक्टोमी, रेडिएशन आंकोलॉजी और मेडिकल आंकोलॉजी की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं।

विभाग ने इस संबंध में जागरूकता बढ़ाने के लिए एक पुस्तिका भी प्रकाशित की है, जिसका विमोचन डीन प्रो. एसपी धनेरिया, उप-निदेशक (प्रशासन) अंशुमान गुप्ता और वित्त सलाहकार बीके अग्रवाल ने किया। इसमें प्रोस्टेट कैंसर संबंधी संपूर्ण जानकारियां और क्या करें एवं क्या न करें की उपयोगी सामग्री है।

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