क्यूं आया मायावती को गुस्सा?, अखिलेश की दोहरी राजनीति, सतीश चंद्र मिश्रा से फोन पर बात न करना, भडकी मायावती!

समाजवादी पार्टी के मुखिया एवं वतर्मान राष्टीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के राज्यसभा चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार खड़ा करने पर बीएसपी प्रमुख मायावती ने अखिलेश यादव पर जमकर भड़ास निकाली है। उन्होंने कहा कि आने वाले एमएलसी चुनाव में बीएसपी समाजवादी पार्टी को हराने के लिए बीजेपी एवं किसी भी विपक्षी पार्टी के उम्मीदवार को वोट देगी।

उत्तर प्रदेश की 9 राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव में समाजवादी पार्टी के मुखिया एवं वतर्मान राष्टीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की सेंधमारी से नाराज बीएसपी प्रमुख मायावती ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। गुरुवार को मीडिया से रूबरू होते ही मायावती ने कहा कि बी0एस0पी0 आने वाले एम0एल0सी0 चुनाव में समाजवादी पार्टी को जैसे को तैसा जवाब देगी।

समाजवादी पार्टी के दूसरे उम्मीदवार को हराने के लिए बीएसपी अपनी पूरी ताकत लगा देगी। इसके लिए चाहे बहुजन समाज पार्टी के विधायकों को बीजेपी अथवा अन्य किसी भी विरोधी पार्टी के उम्मीदवार को ही अपना वोट क्यों न देना पड़े। जो भी पार्टी एमएलसी चुनाव में समाजवादी पार्टी के दूसरे उम्मीदवार को हराती दिख रही होगी बसपा के विधायक उसे ही अपना वोट देंगे। अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए बीएसपी प्रमुख मायावती ने कहा कि अगर हम प्रत्याशी नहीं देंगे तो कोई पूंजीपति हमारे विधायकों की खरीद-फरोख्त कर राज्यसभा सीट जीत जाएगा। हम यह सोचकर चल रहे थे कि डिंपल यादव चुनाव हार गई हैं, यदि वह राज्य सभा चुनाव लड़ती हैं तो बहुजन समाज पार्टी उनको जिताने में किसी भी प्रकार की कोई कसर नहीं छोड़ेगी।



बी0एस0पी0 प्रमुख मायावती ने कहा कि सतीश मिश्र ने एसपी मुखिया को कर्इ बार फोन किया परन्तु अखिलेश ने कोर्इ जवाब नहीं दिया और न ही फोन नहीं उठाया। निजी सचिव ने भी अखिलेश से बात नहीं करवाई। महासचिव सतीश मिश्रा ने एसपी महासचिव रामगोपाल यादव से बात की तो उन्होंने कहा कि एसपी केवल एक सीट पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि सतीश मिश्र को इस तरह से नजर-अंदाज करना ब्राह्मण समाज का अपमान करना है।


समाजवादी पार्टी ने षड्यंत्र के तहत आखिरी समय पर निर्दलीय को पर्चा भरवाया और बाद में 4 विधायकों की खरोद-फरोख्त की। समाजवादी पार्टी का षडयंत्र सफल नहीं हुआ।
मायावती ने अपने बागी विधायकों पर ऐक्शन, दिखाया पार्टी के बाहर का रास्ता मायावती ने कहा कि जिन 7 विधायकों ने एसपी द्वारा खड़े किए गए उद्योगपति उम्मीदवार को समर्थन कर विश्वासघात किया है, उन्हें निलंबित कर दिया गया है।

  1. चौधरी असलम अली
  2. हरगोविंद भार्गव    
  3. मोहम्मद मुजतबा सिद्दीकी   
  4. हाकिमलाल बिंद    
  5. मोहम्मद असलम राईनी  
  6. सुषमा पटेल
  7. वंदना सिंह शामिल हैं।


इनके दूसरी पार्टी में जाते ही दलबदल कानून के तहत सदस्यता खत्म करने की कार्रवाई की जाएगी। अब बीएसपी चुनाव नहीं लड़ाएगी और इनके खिलाफ इनकी ही जाति और धर्म के लोगों को चुनाव में उतारा जाएगा।

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