क्या ईवीएम मशीन भी हैक हो सकती है? बिहार विधान सभा चुनाव में विपक्षीदलो द्वारा जतायी गयी आशंका

हालांकि भारतीय चुनाव आयोग और देश के सत्ताधारी ईवीएम मशीन को पूरी तरह से सुरक्षित मानते हैं लेकिन सवाल आज भी यही है कि क्या हम और हमारा वोट सुरक्षित है? अथवा आज भी सत्ताधारी पक्ष का कोई खेल तो नहीं है? आइए जानते हैं इससे जुड़े कुछ विशेष तथ्य और सवाल “लगभग 8 वर्ष पहले अमेरिका के मिशीगन यूनिवर्सिटी से जुड़े वैज्ञानिकों की एक टीम ने एक डिवाइस को ईवीएम मशीन से जोड़कर या सिद्ध किया था कि मोबाइल से संदेश भेजकर मशीन के नतीजों को पूरी तरह से बदला जा सकता है इसके पश्चात भारत में इसकी समीक्षा की गयी और इसके संबंध में विशेष वार्ता हुई जिसके फलस्वरूप भारत की विशेष आधिकारिक संस्थाओं की टीम ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया और यह भी कहा कि ईवीएम मशीन से छेड़छाड़ करना नामुमकिन है क्योंकि भारत में ईवीएम मशीनों तक पहुंचना ही नामुमकिन है इसके साथ-साथ मेसाच्युसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से जुड़े विशेषज्ञ धीरज सिन्हा मानते हैं कि लाखों की संख्या में वोटिंग मशीनों को हैक करना बहुत ही मुश्किल है परंतु नामुमकिन नहीं क्योंकि इतनी अधिक संख्या में ईवीएम मशीनों को हैक करने के लिए असीम धन और इसके साथ-साथ मशीन निर्माण से जुड़े लोग और चुनाव कराने वाले यानी कि चुनाव आयोग का शामिल होना महत्वपूर्ण है।

इसके साथ-साथ उन्होंने एक विशेष जानकारी यह भी दी थी कि मशीन को हैक करने के लिए एक बहुत ही छोटे रिसीवर सर्किट और एंटीना को यदि हम ईवीएम के साथ कनेक्ट कर दें तो ईवीएम के परिणामों को पूरी तरह से बदला जा सकता है वहीं यह भी बताया गया कि यह एंटीना और रिसीवर इतना छोटा होता है कि सामान्य आंखों से नहीं देखा जा सकता है उनका यह भी कथन है कि किसी भी वायरलेस डिवाइस/मशीन को हैक करने के लिए एक रेडियो रिसीवर होता है जिसमें एक विद्युत/इलेक्ट्रॉनिक्स सर्किट और एंटीना होता है यदि चुनाव आयोग का दावा है कि भारत की ईवीएम मशीनों में ऐसा कोई सर्किट नहीं लगा है जिससे कोई भी तकनीकी से ईवीएम को हैक किया जा सके। भारतीय चुनाव आयोग लगातार इस बात को नकारते आया है कि कोई भी ईवीएम को हैक नहीं कर सकता है।

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