कोविड-19 की इस महामारी में जनसेवा के लिए भामाशाह समाज सेवी संस्था एवं युवा अपनी भूमिका निभाएं

धौलपुर- कोरोना काल में दो वक्त की रोटी के मोहताज हुये महाराणा प्रताप के वंशज….महाराणा प्रताप ने प्रतिज्ञा की थी कि जब तक मेवाड़ आजाद नहीं होगा, मैं महलों को छोड़ जंगलों में निवास करूंगा, स्वादिष्ट भोजन को त्याग कर फलों से ही पेट भरूंगा किन्तु, अकबर का अधिपत्य स्वीकार नहीं करूंगा। उसी प्रतिज्ञा की आन से बंधे हुए गाड़ियां लुहार आज भी अपना जीवन यापन कठिन परिस्थितियों में कर रहे हैं।

कोरोना काल मे जब रोज़ी रोटी का संकट दुनिया के सामने मुसीबत बन कर खड़ा हो ऐसे वक्त में गरीब गाड़िया लुहार अपना जीवन यापन कैसे कर रहे होंगे, ये सोचने वाली बात है। इसी विचार को लेकर कोरोना काल की पहली लहर में अपनी टीम के साथ मिलकर मास्क, राशन सामग्री, ओर गमछा, वितरण जैसे कार्य कर चुके युवा गुर्जर महासभा के प्रदेश अध्यक्ष जयवीर पोषवाल, सरदार जगदीश सिंह के पौत्र गुरिन्दर सिंह उर्फ गिन्नी कंग, पूर्व सरपंच बहादुर सिंह जाट, विजय त्यागी संजय कसाना ने आज पुनः टीम के साथ मिलकर राष्ट्रीय राजमार्ग धौलपुर ओवरब्रिज के नीचे झोपड़ी बनाकर रह रहे एक दर्जन भर परिवारों को राशन वितरण किया।

अपना दुःख साझा करते हुए एक परिवार के मुखिया ने बताया कि कोरोना काल मे लॉकडाउन के कारण हमारे लिए खाने के भी लाले पड़े हुए हैं। टीम के सदस्यों द्वारा वहां रह रहे सभी परिवारों को राशन की किट वितरण की ओर उन्हें साफ सफाई  रखने, मास्क पहनने, तथा कोरोना का टीका लगवाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर…सगीर खान छावनी, मंडलेश्वर गुर्जर, राजकुमार त्यागी, गब्बर गुर्जर, धीरज गुर्जर, सरदार सत्यवीर सिंह सचिन शुक्ला सहित युवा टीम मौजूद रहे।

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