कोडरमा स्टेशन परिसर में सौ फीट ऊंचाई पर लहरा रहा फटा हुआ तिरंगा झंडा, प्रबंधन बेखबर….

कोडरमा स्टेशन परिसर में सौ फीट ऊंचाई पर लहरा रहा तिरंगा झंडा का किनारा फट गया है। अब तक इस ओर रेलवे प्रशासन का ध्यान नहीं गया है। इस बारे में बात करने पर स्टेशन मास्टर एके सिंह ने कहा कि वह दो दिन से अवकाश पर हैं और अपने गांव आए हैं। वह विभागीय साथियों से बात कर फटे तिरंगे को उतरवाते हैं। जल्द ही नया तिरंगा फहराने की व्यवस्था की जाएगी। फटा हुआ तिरंगा फहराना अपराध है। तिंरगा के फट जाने पर उसे सम्‍मानपूर्वक उतार देना चाहिए। बता दें कि 26 जनवरी 2021 को सांसद अन्नपूर्णा देवी ने कोडरमा स्टेशन परिसर में सौ फीट की ऊंचाई पर 30 फीट लंबा और 20 फीट ऊंचा तिरंगा फहराया था।

यह विशाल तिरंगा दूर से ही लोगों को नजर आता है और अपनी ओर आकर्षित करता है। विशालकाय तिरंगे को लहराता देख लोग गौरवान्वित महसूस करते हैं। मई में तिरंगे के फट जाने पर इस झंडे को उतार लिया गया था। इसके बाद करीब तीन माह तक दोबारा तिरंगा फहराने की व्यवस्था नहीं की गई। 15 अगस्त को भी जब यहां ध्वजारोहण नहीं किया गया, तो एक शख्स ने ट्वीट कर रेलवे प्रबंधन का ध्यान इस ओर खींचा। इसके बाद 15 अगस्त को दोपहर बाद तिरंगा फहराया गया।

तिरंगा फहराने में इन बातों का रखते हैं ध्यान

1. तिरंगा हमेशा सूर्योदय से सूर्यास्त तक ही फहराया जा सकता है।

2. तिरंगे को कभी जमीन पर नहीं रख सकते।

3. सरकारी आदेश के बाद ही झंडे को सिर्फ आधा झुकाया जा सकता है।

4. तिरंगे को पानी में नहीं डुबोया जा सकता।

5. झंडे को नुकसान पहुंचाने, किसी हिस्से को जलाने या अपमान करने पर जेल हो सकती है।

6. शहीद सैनिकों के अलावा अन्य शव पर तिरंगे को डालना अपमान माना जाएगा।

7. तिरंगे का केसरिया रंग हमेशा ऊपर होना चाहिए।

8. फटा या मैला-कुचैला तिरंगा कभी नहीं फहराया जाता है। झंडा फट जाने या मैला हो जाने पर एकांत में नष्ट करना चाहिए।

9. तिरंगे को चौबीसों घंटे फहराया जा सकता है, बशर्ते वहां रात में रोशनी की पर्याप्त व्यवस्था हो।

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