कूड़े-कचरे से बनाई गई दो हजार मैट्रिक टन कंपोस्ट खाद, कीमत 10 लाख रुपए।

राजस्थान के धौलपुर शहर में हजारों टन कचरे से नगरपरिषद ने 2 हजार मैट्रिक टन कंपोस्ट खाद बना ली है। जिसकी कीमत करीब 10 लाख रुपए तक है। लेकिन नगरपरिषद 10 लाख रुपए कीमत की कंपोस्ट खाद को बेचेगी नहीं, बल्कि उसे चंबल गार्डन सहित अन्य पार्कों में डलवाएगी। इस मामले पर नगरपरिषद आयुक्त का कहना है कि कोरोना महामारी के चलते इन दिनों आक्सीजन की काफी आवश्यकता आई है। आक्सीजन की पूर्ति के लिए कंपोस्ट खाद को पार्कों में डलवाकर घास के साथ पौधरोपण करवाया जाएगा, ताकि आने वाले समय में लोगों को इसका लाभ मिल सके।

(सौरभ जिंदल, आयुक्त, धौलपुर नगर परिषद)

आयुक्त सौरभ जिंदल ने बताया कि सागरपाड़ा स्थित डंपिंग ग्राउंड में 8 साल से डाले जा रहे कचरे से लोग गंदगी और बदबू झेल रहे थे। करीब 8 साल से पूरे शहर के डाले जा रहे कचरे ने डंपिंग ग्राउंड में करीब 50 फीट ऊंचे पहाड़ जैसा रूप से लिया है। पूर्व में कचरा जलाने से लोग धुएं से भी परेशान होते थे। लोगों की समस्या को देखते हुए कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण करने के लिए गुड़गांव की एक कंपनी को टेंडर दिया था। जिसके लिए कंपनी ने मशीन लगवाकर कचरा निस्तारण कार्य करवाया गया था। आयुक्त ने बताया कि मशीन द्वारा कचरे से करीब 2 हजार मैट्रिक टन कंपोस्ट खाद निकली है, जिसकी 10 लाख रुपए तक कीमत है। नगरपरिषद आयुक्त सौरभ जिंदल ने बताया कि शहर का प्रमुख चंबल गार्डन पार्क की पथरीली जमीन होने के कारण यहां पर घास व पेड़-पौधे नहीं उग पा रहे हैं। एेसे में पार्क में करीब 4 फीट कंपोस्ट खाद डलवा दी जाएगी। जिसके बारिश के मौसम में अच्छी घास आएगी। साथ ही पार्क में पौधरोपण भी करवाया दिया जाएगा। इसके अलावा चंबल गार्डन के पास ही एक अन्य पार्क में खाद डलवाकर उसका भी सौंदर्यीकरण करवाया जाएगा। डंपिंग ग्राउंड सागरपारा पर पुराने पड़े हुए कचरे के निस्तारण पर मोटा कचरा इनर्ट भी निकल रहा है। जिसे सागरपाड़ा स्थित नगरपरिषद की निचली जमीन में डालकर लेवल बराबर किया जा रहा है।

राजस्थान से राकेश गोस्वामी की रिपोर्ट 

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