ऑनलाइन सर्चिंग के दौरान बेहत सतर्क रहने की है जरुरत, जानिए क्या हैं बैड Bots? जो 40% इंटरनेट ट्रैफिक को पहुंचा रहे हैं नुकसान

ऑनलाइन सर्चिंग के दौरान बेहत सतर्क रहने की जरुरत है, क्योंकि कि इंटरनेट पर कुल ट्रैफिक का करीब 40 फीसदी ट्रैफिक बैड bots का है, जिसके इस्तेमाल से आप साइबर हमलों का शिकार हो सकते हैं। हालांकि अब सवाल उठता है कि आखिर bots क्या होते हैं? साथ ही बैड और गुड bots क्या होते हैं, तो बता दें कि bots एक सॉफ्टवेयर प्रोग्राम होते हैं, जो ऑटोमेटेड प्रीफर्ड टास्क के लिए बनाये जाते हैं। साधारण शब्दों में कहें, तो गुड bots आपके व्यापार और आपको फायदा पहुंचाते हैं। जब आप वेबसाइट या फ्रेज से जुड़ा कुछ सर्च करते हैं, तो आपको कई सर्च रिजल्ट मिलते हैं। एक तरह से यह सर्च इंजन की मदद करते हैं। गुड bots को आमतौर पर फेसम कंपनियां बनाती हैं। हालांकि बैड Bots को साइबर हमलों, अवैध कामकाज के लिए बनाया जाता है।

ऑटोमेटेड साइबर हमलों की बढ़ रही संख्या 

साइबरसिक्योरिटी फर्म Barracuda की रिपोर्ट के मुताबिक बैड bots की संख्या इंटरनेट ट्रैफिक में तेजी से बढ़ रही है। यह संख्या मौजूदा वक्त में बढ़कर करीब 40 फीसदी हो गई है। Barracuda की तरफ से हाल ही में Bot attacks: Top Threats and Trends टाइटल से एक रिपोर्ट जारी की गई है। जिसमें बताया गया है कि कैसे इंटरनेट पर ऑटोमेटेड साइबर हमलों की संख्या बढ़ रही है, जो इंटरनेट पर तेजी से बढ़ने वाले ट्रैफिक के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में लोगों को इंटरनेट पर कुछ भी सर्च करते वक्त सावधान रहने की जरुरत है। Barracuda रिसर्च ने साल 2021 के शुरुआत 6 माह के विश्लेषण से यह मालूम किया है।

  • रिपोर्ट के मुताबिक ई-कॉमर्स एप्लीकेशन और लॉग-इन पोर्टल पर सबसे ज्यादा Bots हमले हुये हैं। ज्यादातर bot ट्रैफिक दो बड़े क्लाउट AWS और Microsoft Azure से आता है।
  • नार्थ अमेरिका में 67 फीसदी बैड Bots ट्रैफिक पाया गया है। इस तरह का ज्यादातर ट्रैफिक पब्लिक डेटा सेंटर से आता है। इसमें से यूरोप में बैड bots ट्रैफिक होस्टिंग सर्विस या फिर रेजिडेशियल IPs (इंटरनेट प्रोटोकॉल) से आता है।
  • रिसर्च में पाया गया है कि करीब 60 फीसदी bots मैलेशियल एक्टिविटी में शामिल हैं। यह बैड bots आपको डेटा की चोरी कर सकते हैं। साथ ही साइट के परफॉर्मेंस को खराब कर सकते हैं। ऐसे में इन बैड bots की पहचान करना जरूरी है। और bot ट्रैफिक को ब्लॉक करने की जरूरत है।

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