इंडोनेशिया में फटी ज्‍वालामुखी, आसमान में छाया गुबार, उड़ाने रद्द, लोग घर छोड़ने को मजबूर

जकार्ता: पूर्वी इंडोनेशिया में ज्वालामुखी फटने की एक बड़ी घटना सामने आई है। ज्वालामुखी विस्फोट इतना भीषण था कि इसकी राख आसमान में 4,000 मीटर ऊंचाई तक उठ गई। ज्वालामुखी के फटने के बाद आसपास के इलाके में हाई अलर्ट जारी कर किया गया है और इलाके के हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। ‘डिजास्टर मिटिगेशन एजेंसी’ के प्रवक्ता रादित्य जैती ने जानकारी देते हुए बतया है कि “यह ज्वालामुखी विस्फोट पूर्व नुसा तेंगारा प्रांत में हुआ। इस विस्फोट में अभी तक किसी के हताहत होने की कोई जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। लेकिन इंडोनेशिया में होने वाले इस ज्वालामुखी विस्फोट से पर्यावरण को भारी नुकसान का अंदेशा जताया जा रहा है।

स्थानीय हवाईअड्डा बंद दिया गया

ज्‍वालामुखी विस्फोट की यह घटना रविवार को सुबह करीब 10.45 पर हुई। ज्वालामुखी विस्फोट पर सरकार से मिली जानकारी के मुताबिक ज्वालामुखी विस्फोट होने के बाद आसमान में छाई राख छितरी होने की वजह से प्रांत के स्थानीय हवाईअड्डे को बंद कर दिया गया और इलाके के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है।

ज्‍वालामुखी से लावा और जहरीली गैसें निकल रही हैं

विदेशी समाचार पत्रों में दी गई जानकारी के मुताबित इस वक्‍त दुनिया में सबसे ज्‍यादा इंडोनेशिया में करीब 130 सक्रिय ज्‍वालामुखी हैं। इस ज्‍वालामुखी से लगातार लावा और जहरीली गैसें निकल रही हैं। ज्‍वालामुखी विस्‍फोट की घटना हाल ही में फि‍लिपींस में घटित हुई है। इस विस्फोट के बाद भी  तकरीबन 16,700 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया था। फि‍लिपींस की यह ज्वालामुखी विस्‍फोट भी इतनी भयानक थी कि इस विस्फोट की राख 70 किलोमीटर दूर फि‍लिपींस की राजधानी मनीला तक पहुंच गई थी। ज्‍वालामुखी विस्‍फोट के बाद फिलीपींस में भी अलर्ट घोषित कर दिया गया था जिससे सैंकड़ों विमान सेवाएं प्रभावित हुई थीं।

क्या होती है ज्वालामुखी?

ज्वालामुखी धरती की सतह पर स्थित ऐसी दरार या मुख होती है जिससे पृथ्वी के भीतर का गर्म लावागैस, राख या अन्दर के पदार्थ आदि बाहर आते हैं।

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