आज है विश्व होम्योपैथी दिवस, जानिए किस महान शख्स की याद में बनाया जाता है यह दिवस, क्या है महत्व और उद्देश्य?

केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद विश्व होम्योपैथी दिवस के अवसर पर 10 और 11 अप्रैल 2021 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘होम्योपैथी-एकीकृत चिकित्सा के लिए रोडमैप’ विषय पर सम्मेलन का आयोजन कर रहा है। होम्‍योपैथी के जनक डॉ. सेमुएल हनीमैन के जन्‍मदिवस के अवसर पर विश्‍व होम्‍योपैथी दिवस मनाया जाता है।

सम्मेलन का उद्देश्य

इस सम्मेलन का उद्देश्य नीति निर्माताओं और विशेषज्ञों द्वारा अनुभवों का आदान-प्रदान करना है ताकि एकीकृत चिकित्सा में होम्योपैथी के प्रभावी और कुशल समावेशन के लिए रणनीतिक कार्यों की पहचान की जा सके। उद्घाटन समारोह के दौरान सीसीआरएच, होम्योपैथिक क्लिनिकल केस रिपॉजिटरी, एक प्रकार का डेटाबेस लॉन्च करेगा जिसका उद्देश्य देशभर के होम्योपैथी चिकित्सकोंद्वारा ईलाज किए गए मामलों का संकलन करना है ताकि होम्योपैथी के लिए साक्ष्य आधार का निर्माण किया जा सके। इस अवसर पर केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषदकी ई-पुस्तकालय को भी लॉन्च किया जाएगा। इसके अलावा, क्लिनिकल प्रैक्टिस और शिक्षा के लिए शोधों के अनुवाद को बढ़ावा देने वाले केंद्रीय होम्योपैथी अनुसंधान परिषद के प्रकाशन को भी जारी किया जाएगा।

उद्घाटन सत्र के बाद, नीति निर्माताओं के लिएभारत में एकीकृत चिकित्सा की परिधि में होम्योपैथी के लिए अवसर और संभावनाएं विषय पर एक पैनल डिस्कशन रखा जाएगा, जिसमें होम्योपैथी के एक्सपर्ट और नीति निर्माता हिस्सा लेंगे।

कोविड-19 ईलाज और रोकथाम के लिए होम्योपैथीः शोध के अनुभवविषय पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया जाएगा जिसमें कोविड अध्ययन के शोधकर्ता और प्रमुख शिक्षाविद कोविड-19 के ईलाज और रोकथाम में होम्योपैथी की भूमिका पर अपने विचार प्रस्तुत करेंगे।

दो लोकप्रिय अन्तर्राष्ट्रीय वक्ता, विएना से इंटरनल मेडिसिन और इंटरनल इंटेंसिव केयर मेडिसिन में विशेषज्ञ व चिकित्सा प्रोफेसर डॉ. माइकल फ्रास और हॉन्ग कॉन्ग से एचके असोसिएशन ऑफ होम्योपैथी के अध्यक्ष डॉ. टो का लुन आरोन भी इस सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और एकीकृत नैदानिकी केयर पर अपना अनुभव शेयर करेंगे। इसके अलावा, केलांबक्कम स्थित चेत्तिनाद अनुसंधान और शिक्षा अकादमी में रिजनरेटिव बायोलॉजी और बायोटेक्नॉलजी विभाग में असोसिएट प्रोफेसर डॉ. अंतरा बैनर्जी भी होम्योपैथी की सहयोगी भूमिका पर अपने अनुसंधान के शोध साक्ष्य प्रस्तुत करेंगी।

सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए होम्योपैथी सत्र में प्रमुख वक्तागण सार्वजनिक स्वास्थ्य में होम्योपैथी की उन सफलता की कहानियों को साझा करेंगे जिसमें राष्ट्रीय कार्यक्रमों जैसे कि कैंसर, मधुमेह, कार्डियोवेस्कुलर बीमारियां और स्ट्रोक के नियंत्रण एवं उपचार के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम(एनपीसीडीसीएस), केरल राज्य से कैंसर और प्रशामक उपचार पहल, वरिष्ठों की देखभाल, कुपोषण पर लगाम लगाने के लिए समुदाय आधारित पहल का एकीकरण किया गया।

एक समारोह में सीसीआरएच के होम्योपैथी में अल्पकालिक छात्रवृत्ति (एसटीएसएच)/एमडी स्कॉलरशिप के विजेताओं को प्रमाणपत्र वितरित किए जाएंगे और विजेताओं द्वारा ई-पोस्टर भी प्रस्तुत किया जाएगा। समारोह के दौरान‘होम्योपैथी केभ्रम दूर’ करने कीवीडियो बनाने की प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया जाएगा।

इस दो-दिवसीय सम्मेलन में विचार-विमर्श से अनुसंधान और सार्वजनिक स्वास्थ्य में होम्योपैथी के एकीकरण हेतु भविष्य के रोडमैप के लिए महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त होंगी।

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